देश की वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का दिल्ली में निधन हो गया। वह 94 वर्ष की थीं। बताया जा रहा है कि उन्होंने सुबह लगभग चार बजे अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक जगत में शोक की लहर फैल गई है।1 जनवरी 1932 को जन्मी […]
देश की वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का दिल्ली में निधन हो गया। वह 94 वर्ष की थीं। बताया जा रहा है कि उन्होंने सुबह लगभग चार बजे अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक जगत में शोक की लहर फैल गई है।
1 जनवरी 1932 को जन्मी मोहसिना किदवई लंबे समय तक सक्रिय राजनीति में रहीं और कांग्रेस पार्टी की प्रमुख नेताओं में गिनी जाती थीं। उनका गांधी परिवार से भी निकट संबंध रहा। उन्होंने केंद्र सरकार में मंत्री पद संभालने के साथ-साथ संगठनात्मक स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
वर्ष 1978 में उन्होंने आजमगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर इतिहास रचा था। वह इस क्षेत्र से निर्वाचित होने वाली पहली महिला सांसद बनीं। उस समय उन्होंने करीब 35 हजार मतों के अंतर से जीत दर्ज कर राजनीतिक विश्लेषकों को चौंका दिया था।
मोहसिना किदवई मूल रूप से आजमगढ़ की निवासी नहीं थीं और बाराबंकी से उनका संबंध रहा। इसके बावजूद उन्होंने यहां से चुनाव जीतकर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ का परिचय दिया। उस दौर में प्रदेश और केंद्र दोनों जगह जनता पार्टी की सरकार थी, फिर भी मतदाताओं ने अलग निर्णय लेते हुए उन्हें समर्थन दिया।
उन्होंने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया और राज्यसभा सदस्य के तौर पर भी पार्टी को मजबूत बनाने में योगदान दिया। उनके निधन को कांग्रेस और देश की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है।