Azamgarh Crime: आजमगढ़ पुलिस ने जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर लोगों से बड़ी ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गैंगेस्टर और हिस्ट्रीशीटर कृष्णचन्द्र राय को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी नक्शा-नजरी और कूटरचित राजस्व अभिलेख तैयार कर लोगों को धोखे में रखता था और […]
Azamgarh Crime: आजमगढ़ पुलिस ने जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर लोगों से बड़ी ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गैंगेस्टर और हिस्ट्रीशीटर कृष्णचन्द्र राय को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी नक्शा-नजरी और कूटरचित राजस्व अभिलेख तैयार कर लोगों को धोखे में रखता था और जमीन दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूल कर लेता था। प्रारंभिक जांच में अब तक करीब 2 करोड़ 87 लाख रुपये की ठगी सामने आई है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Dr. Anil Kumar के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी नगर शुभम तोदी के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। थाना कोतवाली पुलिस और स्वॉट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के मधुबन निवासी रूद्रान्श राय ने शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2023 में कृष्णचन्द्र राय ने कोडर अजमतपुर क्षेत्र में जमीन बेचने का प्रस्ताव दिया था। आरोपी ने कथित जमीन मालिकों से मुलाकात कराते हुए जमीन को पूरी तरह विवाद-मुक्त बताया और करीब 10 लाख रुपये प्रति बिस्वा के हिसाब से सौदा तय कराया। इसके बाद विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से लगभग 33.30 लाख रुपये अग्रिम के रूप में ले लिए गए।
शिकायतकर्ता के अनुसार बाद में न तो जमीन का पूरा एग्रीमेंट कराया गया और न ही कब्जा दिया गया। जांच के दौरान पता चला कि दिखाई गई जमीन का बड़ा हिस्सा बंजर भूमि है और कई गाटा संख्या उस स्थान से संबंधित ही नहीं हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने राजस्व विभाग के अधिकारियों की फर्जी मुहर और हस्ताक्षर लगाकर नकली दस्तावेज भी तैयार किए थे।
पूछताछ में आरोपी ने अपने परिजनों और अन्य साथियों के साथ मिलकर लोगों से पैसे लेने और बाद में टालमटोल कर रकम हड़पने की बात स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में जालसाजी और धोखाधड़ी के एक दर्जन से अधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और ठगी से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।