उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में उस समय हलचल मच गई जब मानव संपदा पोर्टल की जांच के दौरान कई शिक्षकों के नाम और अभिलेख एक जैसे पाए गए। मामला सामने आने के बाद शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित शिक्षकों और जिलों के अधिकारियों को 16 मार्च को लखनऊ […]
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में उस समय हलचल मच गई जब मानव संपदा पोर्टल की जांच के दौरान कई शिक्षकों के नाम और अभिलेख एक जैसे पाए गए। मामला सामने आने के बाद शिक्षा निदेशक (बेसिक) ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित शिक्षकों और जिलों के अधिकारियों को 16 मार्च को लखनऊ में उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
शिक्षा निदेशक बेसिक प्रताप सिंह बघेल की ओर से 9 मार्च को जारी पत्र में बताया गया कि जनवरी में मानव संपदा पोर्टल की जांच के दौरान आठ जिलों के कुल 16 शिक्षकों की एक से अधिक आईडी सक्रिय पाई गई। इन आईडी में नाम, पिता का नाम और जन्मतिथि एक जैसी दर्ज है, जिससे विभाग को गड़बड़ी की आशंका हुई है।
जांच में गाजीपुर से तीन, वाराणसी से दो, जौनपुर से दो और आजमगढ़ से पांच शिक्षकों के नाम सामने आए हैं। इसके अलावा रायबरेली, सुल्तानपुर, बस्ती और सीतापुर जिलों से भी एक-एक शिक्षक को चिन्हित किया गया है।
जिन शिक्षकों को बुलाया गया है, उनमें गाजीपुर के भाटौली उच्च प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापक अनिता शुक्ला, कंपोजिट स्कूल शाहपुर के प्रधानाध्यापक दिग्विजय कुमार राय और बीएसए कार्यालय में तैनात प्रधानाध्यापक श्रीकांत सिंह शामिल हैं। वाराणसी के कंपोजिट स्कूल गैरहा के सहायक अध्यापक रवि प्रकाश मिश्रा और कंपोजिट स्कूल बरनी के सहायक अध्यापक श्रीकांत सिंह का नाम भी सूची में है।
आजमगढ़ जिले से प्राथमिक विद्यालय शाहिद के सहायक अध्यापक रवि प्रकाश मिश्रा, प्राथमिक विद्यालय जोकहरा के सहायक अध्यापक सज्जन कुमार, तहबरपुर में तैनात सहायक अध्यापक जयशंकर यादव, प्राथमिक विद्यालय गरेरुआ के सहायक अध्यापक मनोज कुमार और प्राथमिक विद्यालय नन्हूपुर के सहायक अध्यापक दिग्विजय कुमार राय को भी तलब किया गया है।
इसके अतिरिक्त रायबरेली, जौनपुर, सुल्तानपुर, बस्ती और सीतापुर जिलों में तैनात कुछ शिक्षकों को भी जांच के लिए बुलाया गया है। शिक्षा निदेशक ने सभी संबंधित शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वे 16 मार्च को लखनऊ में अपने मूल शैक्षिक एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, अंकपत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और सेवा पुस्तिका के साथ अनिवार्य रूप से उपस्थित हों। साथ ही संबंधित जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों और पटल सहायकों को भी आवश्यक अभिलेखों के साथ मौजूद रहने को कहा गया है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह तकनीकी त्रुटि है या फिर किसी प्रकार की अनियमितता। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।