आजमगढ़

PM मोदी और मनोज सिन्हा के विरोध के बाद सक्रिय हुई इन्टेलीजेंस, 2019 को लेकर सताने लगा डर

फोन पर व लोगों से मिलकर लिया जा रहा है फीडबैक, लोगों की नाराजगी का स्तर जानने की कोशिश।

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मनोज सिन्हा

आजमगढ़. पीएम मोदी पूर्वांचल खासतौर पर आजमगढ़ में मुलायम सिंह यादव का वर्चस्व तोड़ने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। यही वजह है कि उन्होंने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का शिलान्याश उन्होंने यहीं से किया लेकिन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने लगातार आजमगढ़ की अनदेखी की। इसी का परिणाम है कि मनोज सिन्हा के चलते पूरी भाजपा का विरोध होने लगा है। संभवतः यह खबर सरकार और भाजपा नेतृत्व को भी लग गयी है, जिसके चलते पिछले कई दिनों से इंटेलीजेंस सक्रिय हो गयी है। इंटेलीजेंस के लोग फीडबैक लेने में जुटे है कि नाराजगी किस स्तर है। कहीं यहां को लोग इंटरसिटी के शुभारंभ कार्यक्रम में विरोध करने तो नहीं पहुंच जाएंगे।


बता दें कि केंद्र में मोदी सरकार को आये चार साल से अधिक समय हो चुका है। लेकिन रेलवे की एक भी योजना आजमगढ़ नहीं पहुंची है। जबकि रेल राज्यमंत्री पड़ोसी जनपद गाजीपुर के रहने वाले है। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा द्वारा ट्रेनों के संचालन में भी आजमगढ़ से भेदभाव किया गया। ज्यादातर ट्रेनों को वे अपने गृह जनपद गाजीपुर ले गए। हद तो तब हो गयी जब उन्होंने मऊ से चलकर लखनऊ जाने वाली इंटरसिटी का रूट बदलकर आजमगढ़ के बजाय औड़िहार होते हुए जौनपुर कर दिया। इस रूट से समय अधिक लगेगा वहीं आजमगढ़ जो लंबे समय से इंटरसिटी की मांग कर रहा था सुविधा से वंचित रह गया।

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यही नहीं मऊ से शाहगंज के मध्य रेलवे लाइन दोहरीकरणकरण का कार्य अब तक शुरू नहीं हुआ जबकि मंत्री के क्षेत्र में दोहरीकरण का कार्य लगातार चल रहा है। बीजेपी ने वाराणसी-लालगंज वाया आजमगढ़ होते हुए गोरखपुर तक नई रेल लाइन का वादा किया था। इस वादे को भी सरकार ने पूरा नहीं किया। इन दो मांग को लेकर लोग पहले ही आंदोलित थे लेकिन रेल राज्यमंत्री ने इंटरसिटी का रूट बदलकर लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया है। कई संगठन इन मुद्दों को लेकर लोकसभा चुनाव में बीजेपी के विरोध की तैयारी कर रहे हैं। इंटरसिटी को आजमगढ़ से चलाने की मांग को लेकर ज्ञापन भी सौंपा जा रहा है।


वहीं दूसरी तरफ 14 अगस्त को मऊ से औड़िहार होते हुए इंटरसिटी का शुभारंभ होने जा रहा है। माना जा रहा है कि रेल राज्यमंत्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। आजमगढ़ के लोगों की नाराजगी और विरोध प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे इंटेलीजेंस सतर्क हो गयी है। इंटेलीजेंस के अधिकारी से लेकर एसआई तक लोगों को फोन कर फीडबैक ले रहे है कि किस स्तर तक लोग नाराज हैं। आने वाले समय में लोगों की प्रतिक्रिया क्या होने वाली है। क्या लोग विरोध करने मऊ भी जा सकते हैं। अंदरखाने से यह भी खबर आ रही है कि बीजेपी भी पूरे मामले पर नजर गड़ाए हुए है। पार्टी को 2019 को लेकर डर सताने लगा है। कारण कि अगर यह गुस्सा लोगों में और बढ़ा तो बीजेपी के लिए जिले में एक भी सीट जीतना मुश्किल हो जाएगा।
By Ran Vijay Singh

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Published on:
13 Aug 2018 04:03 pm
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