
रिपोर्ट-रणविजय सिंह
आजमगढ़। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत विकास खंड अतरौलिया के सांसद आदर्श ग्राम पंचायत लोहरा में शौचालय निर्माण की धीमी प्रगति पर प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी ने इसे गंभीरता से लेते हुए ग्राम प्रधान महेंद्र कन्नौजिया को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण तलब किया है। चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलता है तो उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियिम 1994 की धारा-95जी के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
सांसद आदर्श ग्राम पंचायत लोहरा विकास खंड अतरौलिया की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है। वर्तमान में केंद्र सरकार के निर्देशानुसार स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों की तरह लोहरा ग्राम पंचायत को भी खुले में शौच से मुक्त किया जाना है। बेसलाइन सर्वे सूची के अनुसार लोहरा में लगभग 924 लाभार्थी हैं जिसमें अब तक 435 लाभार्थियों को शौचालय निर्माण के लिए धनराशि भेजी जा चुकी है। बावजूद इसके 435 के सापेक्ष 260 शौचालयों के ही निर्माण हो सके हैं, जो बहुत ही कम है। जबकि प्रत्येक दशा में 30 नवंबर तक बेसलाइन सर्वे सूची के आधार पर खुले में शौचमुक्त किया जाना है। इसके बाद भी शौचालय निर्माण की प्रगति अत्यंत धीमी है। यही नहीं पांच अक्टूबर को डीएम की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में भी लोहरा के ग्राम प्रधान को शामिल होना था। बार-बार दूरभाष पर वार्ता करने के बाद भी कोई उत्तर नहीं दिया गया और न ही समीक्षा बैठक में उपस्थित हुए। राष्ट्रीय महत्व के कार्य की उपेक्षा किए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी की गई।