आजमगढ़

मुलायम सिंह यादव के बयान के बाद आजमगढ़ पर मेहरबान हुई योगी सरकार

आजमगढ़ की निर्माणाधीन ज्यादातर परियोजनाएं बंद पड़ी है
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Updated: 12 Dec 2017, 2:55 PM IST
मुलायम सिंह यादव के बयान के बाद आजमगढ़ पर मेहरबान हुई योगी सरकार
मुलायम सिंह यादव के बयान के बाद आजमगढ़ पर मेहरबान हुई योगी सरकार

आजमगढ़. सपाई दावा करते है कि आजमगढ़ के विकास की हर ईट पर मुलायम सिंह का नाम लिखा है और मुलायम सिंह जिले को धड़कन बताते है लेकिन 2014 का लोकसभा चुनाव जीतने के बाद कभी यहां मुड़कर नहीं देखे। अब उनके द्वारा मैनपुरी से चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद यह साफ हो गया है कि या तो उनका यहां से मोह भंग हो गया है अथवा हार का डर सता सता रहा है। मौके की नजाकत देख बीजेपी अध्यक्ष ने दावा कर दिया है कि आजमगढ़ सीएम योगी के सर्वोच्च प्राथमिका वाला जिला है यह जिला उनका कर्म क्षेत्र है। इसे विकसित जिला बनाया जायेगा।

पर सवाल है कैसे? मुलायम सिंह यादव प्रदेश नहीं देश के बड़े नेताओं में शुमार है। उन्हें मोदी की आंधी के बाद भी लोगों ने इसलिए सांसद चुना कि आजमगढ़ का विकास होगा और मुलायम सिंह यहां के लोगों से सीधे जुड़ जाऐगे। चुनाव के बाद मुलायम सिंह यादव चीनी मिल के उद्घाटन समारोह को छोड़ दे तो कभी मुड़कर आजमगढ़ की तरफ नहीं देखे। जबकि लोकसभा चुनाव को चार साल पूरे होने वाले है। अखिलेश सरकार ने विकास किया इसमें दो राय नहीं लेकिन एक सांसद के तौर पर मुलायम सिंह यादव उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।

अब यूपी में बीजेपी की सरकार है और पूर्वांचल के ही योगी आदित्यनाथ यूपी के सीएम। योगी के सीएम बनने के बाद यह माना जा रहा था कि पूर्वांचल के विकास में तेजी आयेगी। खासतौर पर गोरखरपुर और आजमगढ़ में तेज विकास होगा। कारण कि सीएम गोरखपुर से सीधे जुडे हैं तो आजमगढ़ से उनका गहरा लगाव रहा है। जब वे सीएम नहीं थे तब आजमगढ़ के छोटे मोटे मामलों में भी उनका हस्तक्षेप होता था।

सोमवार को बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय एक कार्यक्रम में सिरकत करने आजमगढ़ आये तो उन्होंने कहा कि यह जिला सीएम की सर्वोच्च प्राथमिका में शामिल है। सीएम योगी आदित्य नाथ भी कुछ ऐसा ही कहते रहे है। यहीं प्रदेश अध्यक्ष ने तो यहां तक दावा किया कि यह उनका कर्मक्षेत्र है यहां उन्होंने बूथ लेबल तक काम किया है। साथ ही जनता से वादा किया कि आजमगढ़ को विकसित जिला बनाया जायेगा लेकिन इस बात का खुलासा नहीं किया कि कैसे।

गौर करें तो आजमगढ़ की निर्माणाधीन ज्यादातर परियोजनाएं बंद पड़ी है। धन के आभाव में अधूरे काम पूरे नहीं हो रहे है। सरकार धन अवमुक्त नहीं कर रही है। योगी सरकार के नौ महीने पूरे होने वाले है लेकिन अब तक इस जिले के लिए एक भी नई योजना की घोषणा नहीं हुई है। भ्रष्टाचार, जन शिकायतों की सरकार अनदेखी कर रही है। सरकार का सारा काम स्वच्छता तक सिमटा हुआ है। कर्जमाफी को छोड़कर अब तक यहां एक भी वादा पूरा नहीं हुआ है। यही वजह है कि सरकार के वादे और इरादे पर अब आम आदमी भी संसय व्यक्त करने लगा है। लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है।


सामाजिक कार्यकर्ता एसके सत्येन, गौरव सिंह, राजेंद्र यादव, नितिन कुमार, कल्पू यादव, विक्की श्रीवास्तव आदि कहते है कि बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिला और पूर्वांचल के योगी आदित्यनाथ सीएम बने तो विकास को लेकर काफी उम्मीदे जागी थी लेकिन अब तक सरकार ने निराश किया है। रोडवेज का काम पूरा न होने से इस क्षेत्र के लोगों का जीवन नारकीय हो गया है। शहर का कचरा आबादी वाले क्षेत्र में जलाया जा रहा है। सिधारी ओवर ब्रिज का निर्माण अधर में लटका है। सरकार किसी भी परियोजना को पूरा करने का प्रयास नहीं कर रही है। ऐसे में यह कहना पूरी तरह गलत है कि जिला सीएम की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है।

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