आजमगढ़

गजब! जांच हुई नहीं और कोरोना पाजिटिव बताकर कर दिया आइसोलेट

कोरोना संक्रमण से बचाव और जांच के प्रति स्वास्थ्य महकमा कितना गंभीर है, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण जहानागंज ब्लाक के बरहतिर जगदीशपुर गांव में देखने को मिला।

less than 1 minute read
Jul 25, 2020
corona positive patients

आजमगढ़. कोरोना संक्रमण से बचाव और जांच के प्रति स्वास्थ्य महकमा कितना गंभीर है, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण जहानागंज ब्लाक के बरहतिर जगदीशपुर गांव में देखने को मिला। यहां एक व्यक्ति की जांच तो दूर सैंपलिंग तक नहीं हुई और उसे पाजिटव बताकर आइसोलेट कर दिया गया।

जांच स्थल पर आया ही नहीं-

मामला जहानागंज ब्लाक के बरहतिर जगदीशपुर गांव का है। स्वास्थ्य विभाग की टीम डा. रामबिलास चैहान के नेतृत्व में गुरुवार को यहां पहुंची थी और 48 लोगों का सैंपल लिया था। शनिवार को जिस व्यक्ति को संक्रमित बता इटौरा एल-1 अस्पताल में भर्ती कराया गया, उसका आरोप है कि उसका नाम पर्ची पर लिखा गया और उसके बाद कहा गया कि कुछ देर बाद आइए। इसके बाद वह घर चला गया फिर जांच स्थल पर लौटा ही नहीं। इसके बावजूद शाम को बताया कि मेरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है और एंबुलेंस घर आ गई।

लोगों ने नहीं सुनी उसकी-

लोगों ने जबरदस्ती इटौरा हॉस्पिटल में उसे आइसोलेट कर दिया। वह बार बार-बार चिल्लाता रहा कि अभी मेरी तो जांच ही नहीं हुई है, तो रिपोर्ट कहां से आ गई, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। इस संबंध में सैंपल करने गांव में गए डा. रामबिलास चैहान का कहना है कि मेरे सामने ही उसे एम्बुलेंस में बैठाया गया, लेकिन उस समय उसने ऐसा कुछ नहीं बताया।

वहीं पीड़ित का दावा है कि मेरे घर कोई डाक्टर गया ही नहीं था। स्वास्थ्य विभाग अपनी गलती पर पर्दा डालने में जुट गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एके मिश्र का कहना है कि ऐसा हो ही नहीं सकता कि बिना जांच के किसी को अस्पातल भेज दिया जाए। मामले की जांच करायी जाएगी। घटना की क्षेत्र में जोरदार चर्चा है।

Published on:
25 Jul 2020 09:44 pm
Also Read
View All