Rashtriya Suheldev Sena RSS : यूपी के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपनी सेना बनाई है। अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने संगठन विस्तार को लेकर बड़ा कदम उठाया है।
आजमगढ़ : भाजपा सरकार में यूपी के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपनी सेना बनाई है। नाम रखा है…राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना यानि कि RSS। अब सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने संगठन विस्तार को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अपनी नई इकाई राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना (RSS) को आगे बढ़ाने के लिए रविवार को आजमगढ़ में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान करीब 2500 कार्यकर्ताओं को ढाई-ढाई फीट लंबे पीले रंग के डंडे वितरित किए। इसके साथ ही सभी कार्यकर्ताओं को संगठन की पीली वर्दी भी दी गई।
राजभर ने RSS के सैनिकों के बीच बांटे गए डंडों को बिना लाइसेंस का हथियार” बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य किसी तरह की हिंसा नहीं, बल्कि युवाओं को अनुशासन, आत्मरक्षा और सही दिशा में मार्गदर्शन देना है।
राजभर ने कहा कि राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना का मकसद युवाओं को जागरूक करना है, ताकि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझ सकें।
गौरतलब है कि ओमप्रकाश राजभर ने कुछ दिन पहले ही पार्टी से जुड़े युवाओं के लिए अलग संगठन बनाने की घोषणा की थी, जिसे राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना (RSS) नाम दिया गया। उन्होंने यह भी कहा था कि संगठन के कार्यकर्ताओं को बिना लाइसेंस का हथियार दिया जाएगा, जिससे राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा और बहस शुरू हो गई थी।
शनिवार को आजमगढ़ के अतरौलिया पहुंचे राजभर ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि रविवार को RSS कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। तय कार्यक्रम के अनुसार रविवार को ढाई हजार से अधिक युवा कार्यकर्ता पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं को सेना के सेवानिवृत्त अधिकारियों की देखरेख में आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा, 'हमारे समाज के 60 प्रतिशत से ज्यादा अभिभावकों और बच्चों को यह नहीं पता कि शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य विभागों में नौकरी पाने के लिए किस तरह की पढ़ाई करनी चाहिए। RSS के जरिए हम उन्हें जागरूक कर रहे हैं।'
राजभर ने कहा कि राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना को अन्याय, अत्याचार, भ्रष्टाचार और शोषण के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करना होगा। साथ ही समाजसेवा के कार्यों में आगे आना होगा, खासकर आपदा और सामाजिक संकट के समय।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, 'अगर रास्ते में कहीं दुर्घटना हो जाए, तो वीडियो बनाने की बजाय घायल को अस्पताल पहुंचाने में मदद करें। यही मानवता है। हम आप लोगों को भविष्य के लिए तैयार कर रहे हैं।'