आजमगढ़

पीएम किसान सम्मान निधि में कर दी है ये गलती तो तुरंत वापस कर दें का पैसा, नहीं तो जाना पड़ेगा जेल

पीएम किसान सम्मान निधि योजना में किसी तरह का फ्राड या धोखाधड़ी (Using Fake Documen) करने पर लाभार्थी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अगर अनजाने में भी पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidh) का पैसा लेने में कोई गलती कर दी है, तो निधि की रकम वापसकरनी होगी। शासन प्रशासन ने इसके लिये एक मौका। जांच में पाए गए तो होगी कार्रवाई।
2 min read
PM kisan Samman Nidhi
पीएम किसान सम्मान निधि

आजमगढ़. कूटरचित दस्तावेज (Using Fake Documen) के जरिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidh) का लाभ लेने वाले फर्जी किसानों अथवा अपात्रों की अब खैर नहीं है। कारण कि प्रशासन ने फर्जी ढंग से योजना का लाभ ले रहे लोगों से रिकवरी (Recovery) का फैसला किया है। इसके तहत कार्रवाई भी शुरू हो गयी है। जांच में अब तक 38931 किसान अपात्र पाये गए हैं जबकि 1582 लोग कूटरचित अभिलेख के जरिये योजना का लाभ लेते पाए गये है। कूटरचित अभिलेखों से योजना का लाभ ले रहे लोगों से रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है। प्रशासन ने ऐसे लोगों को एक मौका दिया है। अगर उक्त लोग धनराशि वापस नहीं करते है तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होगी।


डीडी कृषि डाॅ. आरके मौर्य ने बताया है कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के 767131 कृषकों द्वारा पंजीकरण कराया गया है। जांच में 728200 किसान पात्र व 38931 किसान अपात्र पाए गए हैं। योजनान्तर्गत वर्तमान में जनपद के 642984 कृषकों के खाते में धनराशि भेजी गयी है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद के समस्त राजस्व ग्रामों के लाभार्थियों का स्थलीय सत्यापन कराते हुए अपात्र कृषको से वसूली एवं पात्र लाभार्थियों के डाटा दुरूस्तीकरण की कार्यवाही की जा रही है। सत्यापन में 41422 किसानों का आधार इनवैलिड एवं 24703 किसानों का आधार नेम मिसमैच पाया गया है।

फीड कृषकों का डाटा सत्यापन/संशोधन हेतु राजस्व एवं कृषि विभाग के कार्मिकों का ग्रामवार रोस्टर बनाते हुए 05 अगस्त से 31 अगस्त तक अभियान चलाया जा रहा है। जिन किसानों का डाटा दुरूस्त नहीं है वे उसे ठीक करा सकते है। ताकि उनकी किश्त भेजी जा सके। उन्होंने बताया कि जांच में पाया गया कि कुछ किसान कूटरचित दस्तावेज प्रस्तुत कर योजना की किस्ते प्राप्त कर रहे है। अब तक कुल 1582 इस तरह के अपात्र लाभार्थी पाये गये है। अपात्र लाभार्थियों से योजनान्तर्गत प्राप्त लाभ धनराशि की नियमानुसार वसूली की प्रक्रिया चल रही है। उक्त लोग अब तक प्राप्त की गयी धनराशि वापस कर दंडात्मक कार्रवाई से बच सकते हैं। अपात्र किसानों को एक मौका दिया गया है। अगर वे तत्काल धनराशि वापस नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

Updated on:
13 Aug 2020 04:40 pm
Published on:
13 Aug 2020 04:40 pm