आजमगढ़

सपा जिलाध्‍यक्ष ने पूर्व मंत्री बाहुबली दुर्गा प्रसाद यादव के भतीजे पर लगाया का गंभीर आरोप

सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने प्रमोद यादव पर लगाया अविश्‍वास प्रस्‍ताव पर कई सदस्‍यों के फर्जी हस्‍ताक्षर का आरोप

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Samajwadi Party district president Hawaldar Yadav

आजमगढ़. यूपी विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी में शुरू हुई गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। अब मुलायम सिंह यादव के संसदीय क्षेत्र आजमगढ़ में जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर संग्राम छिड़ गया है। एक तरफ जहां सरकार में मंत्री रहे बाहुबली दुर्गा प्रसाद यादव के भतीजे प्रमोद यादव ने सपा जिलाध्यक्ष की बहू व जिला पंचायत अध्यक्ष मीरा यादव के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाकर राजनीतिक सरगर्मी को बढ़ा दिया है तो दूसरी ओर बुधवार को हवलदार यादव ने डीएम से मुलाकात कर आरोप लगाया कि प्रस्ताव में जिन जिला पंचायत सदस्यों के हस्ताक्षर किए गए हैं, उनमें से कई सदस्यों के हस्ताक्षर फर्जी हैं। हवलदार ने इसे बड़ा फर्जीवाड़ा बताते हुए प्रमोद के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।

बता दें कि प्रमोद यादव और दुर्गा यादव के बीच छत्तीस का आंकड़ा है। प्रमोद यादव को सपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष का उम्मीदवार घोषित किया था, लेकिन दुर्गा के दबाव में टिकट काटकर मीरा यादव को प्रत्याशी बना दिया गया था। तभी से चाचा भतीजा आमने सामने हैं। कहीं न कहीं प्रमोद को दुर्गा प्रसाद व हवलदार यादव के विरोधी व सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के करीबी पूर्व मंत्री बलराम यादव का भी संरक्षण प्राप्त है।

विधानसभा चुनाव में सपा की करारी हार के बाद से ही प्रमोद यादव अपने चाचा दुर्गा व हवलदार से बदला लेने की फिराक में हैं। बाहुबली भूपेंद्र सिंह मुन्ना का साथ मिलने के बाद अब उनके पास अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा करने का मौका है। सूत्रों की माने तो एक और बाहुबली भाजपा के पूर्व सांसद रमाकांत यादव अंदर ही अंदर प्रमोद का समर्थन कर रहे हैं, क्योंकि रमाकांत और हवलदार का छत्तीस का आंकड़ा है।

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यही वजह है कि मंगलवार को प्रमोद यादव ने दो दर्जन समर्थक जिला पंचायत सदस्यों के साथ डीएम आवास गए थे। 46 सदस्यों का समर्थन बताते हुए सीडीओ को अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए शपथ पत्र सौंपा था। इसके बाद से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई थी। इसी बीच बुधवार जिला पंचायत अध्यक्ष मीरा यादव के ससुर और सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव जिला पंचायत सदस्यों के साथ डीएम कार्यालय पहुंचकर आरोप लगाया कि प्रमोद द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव का शपथ पत्र फर्जी है। उसमें गलत ढंग से सदस्यों के हस्ताक्षर बनाए गए हैं। उन्होंने दो सदस्यों को डीएम के सामने पेश किया। सदस्यों ने डीएम को बताया कि उन्होंने शपथ पत्र नहीं दिया है। इस पर हवलदार यादव और दुर्गा यादव ने डीएम से कहा कि वे प्रमोद के विरुद्ध जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराएं।

By Ran Vijay Singh

Published on:
07 Sept 2017 02:42 pm
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