आजमगढ़

‘अखिलेश कुत्ते के गले में घंटी बांध दें तो भी वोट देना होगा!’ सपा MLC लाल बिहारी यादव का विवादित बयान, सियासी हलकों में मचा बवाल

Lal Bihari Yadav Dog Bell Vote Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के एमएलसी लाल बिहारी यादव का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव किसी कुत्ते के गले में भी घंटी बांध दें तो उसी को वोट देना है।
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Aug 31, 2026
SP MLC Lal Bihari Yadav 0
अखिलेश यादव और सपा के एमएलसी लाल बिहारी यादव (फोटो एएनआई)

SP MLC Lal Bihari Yadav Controversial Statement:उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं के बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के एमएलसी लाल बिहारी यादव का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आजमगढ़ के नेहरू हाल में शिक्षकों की बैठक में उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव किसी कुत्ते के गले में भी घंटी बांध दें तो उसी को वोट देना है। इस बयान ने सियासी हलकों में बवाल मचा दिया है। कार्यक्रम में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

एमएलसी चुनाव की तैयारी

आगामी एमएलसी चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सपा संगठन मजबूत करने में जुटी है। आजमगढ़ में शिक्षकों को अपने पक्ष में लामबंद करने के लिए यह बैठक आयोजित की गई थी। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षा एमएलसी खंड के प्रत्याशी कमलेश यादव के समर्थन में शिक्षकों को संबोधित करते हुए लाल बिहारी यादव ने यह बात कही। वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई।

बीजेपी की तीखी प्रतिक्रिया

भाजपा नेता जयनाथ सिंह ने इस बयान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के अपमान वाला बताया। जयनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में व्यक्ति और दल चुनाव लड़ते हैं। विधान परिषद के सम्मानित सदस्य द्वारा ऐसी बात कहना हास्यास्पद और निंदनीय है। उन्होंने लाल बिहारी यादव से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।

जनता के मताधिकार का मुद्दा

बीजेपी नेता ने तंज कसते हुए पूछा कि अगर पार्टी किसी को टिकट देकर चुनाव लड़ाती है तो क्या वह व्यक्ति भी ‘कुत्ता’ हो जाता है? उन्होंने कहा कि जनता अपने मताधिकार से जनप्रतिनिधि चुनती है। किसी दल द्वारा प्रत्याशी घोषित करने का मतलब यह नहीं कि आंख बंद करके वोट देना होगा। सपा एमएलसी के बयान को सर्व समाज और आजमगढ़ की जनता का अपमान करार दिया गया।

सपा की चुप्पी और चर्चा

बयान के बावजूद सपा की ओर से अभी कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के बावजूद ऐसा बयान दिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक इसे पार्टी की वफादारी दिखाने का अतिरंजित तरीका बता रहे हैं, लेकिन विपक्ष इसे लोकतंत्र की भावना के खिलाफ करार दे रहा है।

यह बयान 2027 चुनाव से पहले सपा-भाजपा के बीच तनाव बढ़ाने वाला साबित हो रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से दोनों पक्षों में आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। लाल बिहारी यादव का यह बयान अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।

Updated on:
31 Aug 2026 04:08 pm
Published on:
31 Aug 2026 04:08 pm