
Manmad-Indore Rail Line: बहुप्रतीक्षित मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना ने एक बार फिर गति पकड़ी है। रेलवे ने परियोजना के लिए बड़वानी जिले के राजपुर तहसील में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यहां पर रेलवे द्वारा 15 गांवों की करीब 10 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इसमें 808 किसानों की निजी भूमि भी शामिल है।
रेलवे बोर्ड द्वारा मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना के प्रथम चरण के लिए रेलवे अधिनियम 2008 की धारा 20ए व 20ई के तहत अधिसूचना जारी की है। भूमि अधिग्रहण को लेकर किसी तरह की आपत्ति होने पर 30 दिनों के भीतर अनुभाग अधिकारी एवं भूमि अर्जन अधिकारी राजपुर के समक्ष लिखित आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है।
मनमाड़-इंदौर रेल(Manmad-Indore Rail line) संघर्ष समिति सदस्य मनोज मराठे ने बताया कि परियोजना में 62 प्रतिशत निजी और 38 प्रतिशत शासकीय भूमि अधिग्रहित की जाएगी। आगामी सप्ताह में सेंधवा सहित अन्य क्षेत्रों की सूची भी जारी की जाएगी। भूमि अधिग्रहण पूर्ण होते ही रेलवे द्वारा ट्रैक बिछाने का कार्य शुरू किया जाएगा। परियोजना के तहत जुलवानिया और छोटी खरगोन के बीच नया रेलवे स्टेशन बनेगा। यह स्टेशन राजपुर से मात्र 7 किलोमीटर दूरी पर होगा। बता दें कि पिछले वर्ष से भूमि अभिलेख अपडेट न होने से भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना की प्रक्रिया अटकी हुई थी। कलेक्टर जयति सिंह के प्रयासों से इसे गति मिली।
रेलवे द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक भूमि अधिग्रहण राजपुर तहसील के सालीकला से प्रारंभ होगी। यहां गेट नंबर 309 से 132 किसानों की भूमि अधिग्रहित होगी। इसके बाद नांदेड के 39, मातमुर के 85, बालसमुद के 73, ओझर के 32, सांगवी के 100, देवला के 30, जुलवानिया के 96, निहाली के 22, छोटी खरगोन के 15, वासवी के 150, कुसमारी के 65, मुंडला के 27, रेवा बुजुर्ग के 57 और खजूरी गांव के 68 किसानों की भूमि सूची में शामिल है।
मनमाड़-इंदौर रेल परियोजना का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा है। इसके धरातल पर उतरने से क्षेत्र के विकास को नई रतार मिलेगी। जुलवानिया और छोटी खरगोन के बीच नया रेलवे स्टेशन बनने से आसपास के क्षेत्र के किसानों की सब्जी और अन्य कृषि उपज का व्यापार और तेज गति से होगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है। रहवासियों को उमीद है कि रेलवे लाइन बनने से जिले के विकास को नई दिशा मिलेगी।