बागपत

एयरफोर्स को मिले 90 जांबाज कमांडो, इनकी बहादुरी जानकर रह जाएंगे दंग

गरुड़ रेजिमेण्टल ट्रेनिंग सेन्टर से वायु सेना को मिले 90 जांबाज कमांडो

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Jan 20, 2019
एयरफोर्स को मिले 90 जांबाज कमांडो, इनकी बहादुरी जानकर रह जाएंगे दंग

बागपत. बागपत के चांदीनगर के गरूड़ रेजिमेण्टल ट्रेनिंग सेन्टर में हुए दिक्षांत समारोह में दो अधिकारी और 88 गरूड़ कमांडोज ने प्रशिक्षण लिया। गरूड़ भारतीय वायु सेना के विशेष बल के रूप में जाने जाते हैं। उच्चतम स्तर के शारिरिक और हथियार चलाने का प्रशिक्षण लेकर 54 सप्ताहों के बाद एक गरूड़ प्रशिक्षु भारतीय वायु सेना के मुख्य लडाकू अंग में शामिल किया जाता है। गरूड़ रेजिमेण्टल ट्रेनिंग सेन्टर में प्रशिक्षुओं को हथियार चलाना, आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल और लड़ाई में पारम्परिक और गैर पारम्परिक तरीकों के बारे में सिखाया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान जंगल में सर्जिकल स्ट्राइक और युद्व जैसे हालात बनाकर उसमें प्रशिक्षुओं को युद्व के खतरों से व्यापक रूप में परिचित कराया जाता है। गरूड़ रेजिमेण्टल ट्रेनिंग सेन्टर भारतीय वायुसेना का इकलौता प्रशिक्षण संस्थान है, जहां जमीनी लड़ाई के दौरान इस्तेमाल होने वाली तकनीकों को सिखाया जाता है।

दिक्षांत समारोह में ऐसे ही 90 प्रशिक्षित गरूड़ को समीक्षा अधिकारी एयर वाइस मार्शल संजय भटनागर, वीएम वीएसएम ने गरूड़ बैज और मरून बेरेत पहनाकर उन्हें देश सेवा का प्रण दिलाया। एयर वाइस मार्शल संजय भटनागर वीएम वीएसएम विशेष कर इसी कार्यक्रम के लिए दिल्ली वायु सेना मुख्यालय से आमंत्रित किये गये थे। दिक्षांत समारोह में प्रशिक्षुओं ने हथियारों के साथ फायरिंग और निहत्थे हाथ-पाई की लडाई के कई नायाब प्रदर्शन किये। इस पुरे प्रर्दशन के दौरान एसीएरन आर्म्स औफेंसिव असिस्टेंट चीफ आफ एयर स्टाफ के अलावा प्रशिक्षुओं के माता पिता भी आमंत्रित किये गये थे। प्रदर्शन के उपरांत मुख्य अतिथि और आस पास के क्षेत्रों से आये गणमान्य अतिथियों ने परिवार के सदस्यों को शुभकामनाएं दी। साथ में जलपान भी ग्रहण किया। प्रशिक्षण के भव्य समापन समारोह में समीक्षा अधिकारी एयर वाइस मार्शल संजय भटनागर वीएम, वीएसएम ने जीआरटीसी के कमांडेंट ग्रुप कैप्टन अरविंद कुमार ओर मुख्य अनुदेशक विगं कमांडर अजय कुमार को बधाई दी। अन्य अनुदेशकों में सार्जेन्ट शक्ति पवांर सार्जेन्ट बलदेव सिहं राठौड़ ओर सार्जेन्ट पवन मुखी के कार्यक्रम को सफल बनाने में सरहानीय योगदान रहा दिक्षांत समारोह में प्रशिक्षण के दौरान सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को अवार्ड भी दिया गया, जिसमें फायरिंग में लीडिंग एयर क्राफ्ट मैन सन्तोष लौरेंस, शारारिक क्षमताओं में एयर क्राफ्ट मैन विष्णु प्रसाद को अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। दिक्षांत समारोह में बोलते हुए अतिथियों ने कहा कि भारतीय वायु सेना के लिए यह एक गर्व का दिन है। इसके साथ ही गरूड़ रेजिमेण्टल ट्रेनिंग सेन्टर के लिए भी यह सम्मान का विषय है।

Published on:
20 Jan 2019 03:37 pm
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