एक लाख का ईनाम रहा बदमाश अजीत उर्फ हप्पु फतेहगढ जेल में बंद है। लेकिन इनदिनों वह सुर्खियों में आ गया है।
बागपत. एक लाख का ईनाम रहा बदमाश अजीत उर्फ हप्पु फतेहगढ जेल में बंद है। लेकिन इनदिनों वह सुर्खियों में आ गया है। करीब 10 माह से जेेल ममें बंद हप्पू की मौजूदगी सोशल मीडियह है अजीत उर्फ हप्पूया पर दिखाई दी है। जिसकी जानकारी लगते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने अजीत उर्फ हप्पु की फेसबुक अकाउंट की जांच करनी शुरू कर दी है।
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गौरतलब है कि बागपत में एक लाख के ईनामी रहे कुख्यात बदमाश अजीत उर्फ हप्पी को मार्च 2018 को गिरफ्तार किया गया था। बागपत क्राइम ब्रांच ने इस कुख्यात को राजस्थान के देवली से गिरफ्तार किया था। इसपर लूट, हत्या, राहजनरी, फिरौती जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। फिलहाल वह फतेहगढ की सेट्रल जेल में बंद है। लेकिन बागपत में आज भी अपनी गतिविधि के लिए पुलिस के निशाने पर है। अजीत उर्फ हप्पी ने हाल ही में 15 जनवरी 2019 को अपनी फेसबुक पर एक फोटो अपलोड कर पुलिस के लिए सिरदर्द बढा दिया है। अजीत उर्फ हप्पु के इस फोटो पर 140 लोगों ने लाइक और 30 ने कमेंट किए हैं।
इस समय हप्पू फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बंद है। फेसबुक अकाउंट पर 15 जनवरी को पुलिस के साथ हप्पू का फोटो अपलोड किया है। वहीं इससे पहले 24 सितंबर 2018 को बागपत कचहरी में अजीत उफ हप्पू को पेशीयह है अजीत उर्फ हप्पू पर ले जाते हुए फोटो डाला है। इस फोटो पर 103 लोगों ने लाइक किया। जेल में बंद होने के बाद भी उसकी फेसबुक अपडेट होने पर बागपत पुलिस सक्रिय हो गयी है। इससे पहले हुई अपडेट के बारे में पुलिस अभी तक जांच नहीं कर पाई है। आखिर यह फेसबुक अकांउट किसने अपडेट किया। कुख्यात की फेसबुक पर डाले गये फोटों को लाइक करने वाले लोगों की संख्या भी कम नहीं है। इतना ही नहीं उसकी फेसबुक के दोस्तों की संख्या भी 3226 है। जिसमें राजनीति से जुडे लोग भी शामिल है। एएसपी राजेश कुमार का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। हप्पू खुद जेल में सोशल मीडिया में सक्रिय है या उसके गैंग के सदस्य जेल से बाहर उसके नाम से फेसबुक अपडेट कर रहा है।
यह है अजीत उर्फ हप्पू
बावली गांव का रहने वाला अजीत वर्ष 2000 में अपनी चाची सुखवीरी की हत्या कर सुर्खियों में आया था। 2015 में बावली में राजकुमार और उसके भाई जयवीर की हत्या कर दी। इन हत्याओं के बाद में यह एक लाख के इनामी रहे गांगनौली के प्रमोद राठी गैंग में शामिल हो गया। इसके खिलाफ रंगदारी, हत्या, बलवा, गैंगस्टर, हत्या के प्रयास आदि के 27 मुकदमे दर्ज हैं। कुख्यात अजीत उर्फ हप्पू अपने साथी प्रमोद गांगनौली की हत्या कर उसकी एके-47 ले गया था। पुलिस आज तक हप्पू से एके-47 बरामद नहीं कर पाई।