बागपत

‘बचाओ-बचाओ…चीखती रही मां-बेटी’, कारोबारी की दुकान में लगी आग केस में क्या बोले पड़ोसी? पढ़िए बागपत मामले की Inside Story

Shop Fire Case Inside Story: बागपत के खेकड़ा कस्बे में किराना व्यापारी अंकुर जैन के मकान में आग लगने से पत्नी स्वाति और चार साल की बेटी अनन्या की मौत हो गई। सीढ़ियों के दरवाजे पर ताला लगा होने से मां-बेटी बाहर नहीं निकल सकीं। आग के दौरान दुकान में रखे दो गैस सिलिंडर भी फट गए, जबकि कई लोग झुलस गए। पढ़िए पूरी इनसाइड स्टोरी।
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Oct 09, 2026
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दुकान में लगी आग केस में क्या बोले पड़ोसी? फोटो- वीडियो ग्रैब-X (@Arjun5chaudhary)

ShopFire Case Inside Story Baghpat: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के खेकड़ा कस्बे के मुख्य बाजार में गुरुवार सुबह एक किराना व्यापारी के दुकान में आग लगने से उसकी पत्नी और चार साल की बेटी की मौत हो गई। हादसा सुबह करीब 7:30 बजे पाठशाला रोड पर पुलिस चौकी के पास हुआ। मकान के निचले हिस्से में किराना की दुकान थी, जबकि ऊपर परिवार रहता था। आग लगने के बाद मां-बेटी ऊपरी मंजिल पर फंस गईं। उन्हें बचाने के लिए परिवार और पड़ोसियों ने काफी कोशिश की, लेकिन सीढ़ियों के दरवाजे पर ताला लगा होने के कारण वे बाहर नहीं निकल सकीं। मृतकों की पहचान व्यापारी अंकुर जैन की पत्नी स्वाति जैन (38) और बेटी अनन्या (4) के रूप में हुई है। आग बुझाने और परिवार को बचाने की कोशिश में व्यापारी अंकुर जैन, उनके नौकर कपिल और पड़ोसी जाहिद समेत कई लोग झुलस गए। आग के दौरान दुकान में रखे दो गैस सिलेंडर भी तेज धमाके के साथ फट गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आपको बताते हैं पूरी इनसाइड स्टोरी।

दुकान में आग लगने के बाद हुआ सिलेंडर में धमाका

दरअसल, खेकड़ा के पाठशाला रोड पर अंकुर जैन की किराना दुकान और मकान एक ही इमारत में हैं। गुरुवार सुबह अंकुर अपने बेटे श्रेय को स्कूल छोड़ने गए थे। उनके पिता विनय जैन और मां शशि जैन मंदिर में पूजा करने गए हुए थे। इसी दौरान सबसे पहले दुकान में आग लग गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।

बेटे को स्कूल छोड़कर लौटे अंकुर ने दुकान में आग देखी तो शोर मचाया। वह अपने नौकर के साथ आग बुझाने में जुट गए। आसपास मौजूद कुछ लोग भी मदद के लिए आगे आए। इसी दौरान दुकान में रखे दो गैस सिलेंडर तेज धमाके के साथ फट गए। धमाका इतना तेज था कि दुकान का शटर उखड़कर सामने की दुकान में जा लगा।

सिलेंडर फटने के बाद बाजार में भगदड़ मच गई। इस दौरान कई लोग गिरकर घायल हो गए। अलग-अलग इलाकों के रहने वाले शहजाद, आंशु, अंकित, सोनू, लाइनपार बस्ती के सोनू, बड़ागांव के विकास और संजय तथा पांची के संजीव समेत कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई। आग बुझाने की कोशिश में अंकुर जैन, उनके नौकर कपिल और पड़ोसी जाहिद समेत करीब आठ लोग झुलस गए।

पत्नी और बेटी को बचाने के लिए आग में घुसे व्यापारी

दुकान में आग और सिलेंडर में धमाके के बीच अंकुर जैन को पता चला कि उनकी पत्नी और बेटी मकान की ऊपरी मंजिल पर फंसी हैं। उन्हें बचाने के लिए वह आग के बीच मकान में घुस गए। हालांकि, लोगों ने किसी तरह उन्हें बाहर खींच लिया।

इस बीच आसपास के लोग भी स्वाति और अनन्या को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश में जुटे रहे। आग और धुएं के कारण मकान के अंदर पहुंचना मुश्किल हो रहा था। परिवार के लोगों और पड़ोसियों ने छत के रास्ते ऊपरी मंजिल तक पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन मां-बेटी को बचाया नहीं जा सका।

सीढ़ियों के दरवाजे पर लगा था ताला, नहीं निकल सकीं मां-बेटी

व्यापारी अंकुर जैन के भाई मोहित जैन ने बताया कि आग इतनी ज्यादा थी कि नीचे से मकान की ऊपरी मंजिल तक पहुंचना संभव नहीं हो रहा था। इसके बाद वह अपने मकान की छत के रास्ते अंकुर के घर की छत पर पहुंचे। वहां बंदरों को अंदर जाने से रोकने के लिए लगाया गया जाल तोड़कर सीढ़ियों तक पहुंचने की कोशिश की गई।

मोहित के मुताबिक, सीढ़ियों के दरवाजे पर ताला लगा हुआ था और उसकी चाबी नीचे दुकान में थी। इसी वजह से दरवाजा नहीं खुल सका। लोगों ने जाल हटाकर और आवाज लगाकर स्वाति तक पहुंचने की कोशिश की। स्वाति अपनी बेटी को लेकर ऊपर दरवाजे तक पहुंचीं, लेकिन ताला बंद होने के कारण बाहर नहीं निकल सकीं।

परिजनों और पड़ोसियों ने दरवाजा खोलने के लिए काफी प्रयास किए। जब तक दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचा जा सका, तब तक स्वाति और अनन्या की मौत हो चुकी थी। इस घटना ने परिवार और आसपास के लोगों को झकझोर दिया।

आधे घंटे तक मदद के लिए पुकारती रहीं स्वाति

पड़ोस में रहने वाली रिया जैन ने बताया कि दुकान में आग लगने और धुआं उठने के बाद स्वाति और उनकी बेटी को बचाने के लिए शोर मचाया गया। रिया के मुताबिक, स्वाति और उनकी बेटी करीब आधे घंटे तक मदद के लिए बचाओ-बचाओ चीखती रहीं। उनकी चीख सुनकर वह भी अन्य लोगों के साथ छत पर पहुंचीं।

रिया ने बताया कि स्वाति बार-बार लोगों से उन्हें बचाने की गुहार लगा रही थीं। उन्होंने कहा कि स्वाति की आवाज कुछ देर बाद आनी बंद हो गई। उधर, मोहित जैन ने भी बताया कि छत पर पहुंचकर उन्होंने स्वाति को आवाज दी और बेटी के साथ ऊपर आने को कहा था। स्वाति बच्ची को लेकर दरवाजे तक पहुंचीं, लेकिन ताला नहीं खुल सका।

दमकल की पांच गाड़ियों ने करीब दो घंटे में बुझाई आग

आग लगने की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पहले खेकड़ा से एक दमकल गाड़ी आई, जिसके बाद आसपास के केंद्रों से चार और गाड़ियां बुलाई गईं। दमकल कर्मियों ने करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

आग बुझने के बाद भी मकान के भीतर धुआं भरा हुआ था। इसके बाद दमकल कर्मी ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर सीढ़ियों के रास्ते अंदर दाखिल हुए। इसी दौरान स्वाति और अनन्या के शव मिले। दोनों की मौत झुलसने और दम घुटने से होने की बात सामने आई।

घटना की सूचना पर जिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल, एडीएम राजीव कुमार राय और एएसपी प्रवीण कुमार चौहान भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और पूरे मामले की जानकारी ली।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी अमरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर खेकड़ा और बागपत अग्निशमन केंद्रों से गाड़ियां भेजी गई थीं। टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। दमकल की गाड़ियों के देर से पहुंचने के मामले की जानकारी होने से उन्होंने इनकार किया।

पत्नी और पोती की मौत से दादा-दादी को सदमा

हादसे के समय अंकुर जैन के पिता विनय जैन और मां शशि जैन मंदिर में पूजा करने गए थे। आग लगने की जानकारी मिलने पर दोनों तुरंत घर पहुंचे। वहां बहू स्वाति और पोती अनन्या की मौत की खबर सुनकर उन्हें गहरा सदमा लगा और वे बेहोश हो गए।

परिजन उन्हें एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। हालत में सुधार नहीं होने पर दोनों को बेहतर उपचार के लिए दिल्ली रेफर कर दिया गया।

छह साल पहले बेटे की भी हादसे में हुई थी मौत

इस हादसे ने अंकुर जैन के परिवार को एक बार फिर गहरे दुख में डाल दिया है। व्यापारी मोहित जैन ने बताया कि करीब छह साल पहले अंकुर के ढाई साल के बेटे की भी एक हादसे में मौत हो गई थी। उनके मुताबिक, बच्चे के ऊपर चीनी का बोरा गिर गया था। जब वह नहीं मिला तो परिवार ने तलाश शुरू की। बाद में वह चीनी के बोरे के नीचे दबा मिला था।

मोहित ने कहा कि परिवार उस पुराने दुख से उबर भी नहीं पाया था कि अब स्वाति और अनन्या की मौत ने एक और बड़ा दुख दे दिया। खेकड़ा के मुख्य बाजार में हुए इस हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है।

Updated on:
09 Oct 2026 12:22 pm
Published on:
09 Oct 2026 12:11 pm