गौ आश्रय स्थलों की हालत किसी से छिपी नहीं हैं। आवारा गोवंशों को पराश्रय देने और उनके खानपान का इंतजाम के उदे्श्य से बनाए गए ये गौ आश्रय स्थल अब बदहाल हो गए हैं। वेस्ट के कई गौ आश्रय स्थल में तो गोवंश की मौतें तक हुई। लेकिन अब इन गो आश्रय स्थलों पर पैनी नजर रखी जाएगी। इसके लिए गौ आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
बागपत. बेसहारा गोवंशी पशुओं को लेकर राहत की खबर। सड़कों तथा जंगल में घूम रहे बेसहारा गोवंश को ठिकाना मिलेगा। वहीं जिले के 23 गौ आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे लगेंगे, जिनकी जद में बेसहारा गोवंशी पशु रहेंगे। यानी कैमरे लगने से गोवंशी पशुओं की देखरेख एवं चारा-पानी जैसी व्यवस्था सुधरेगी।
गौ आश्रय स्थलों पर ही विश्राम करेंगे चौकीदार
शासन के आदेश पर गोवंशी संरक्षण एवं सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें 300 गांवों और कस्बों में घूम रहे सैकड़ों बेसहारा गोवंशी पशु को पकड़कर गौ आश्रय स्थलों में संरक्षित कर चारा-पानी जैसी व्यवस्था की जाएगी। केयर टेकर और चौकीदारों को रात्रि को गौ आश्रय स्थलों पर ही विश्राम करना होगा।
गौ आश्रय स्थलों करानी होगी समुचित व्यवस्था
पशुपालन विभाग तथा प्रशासन को सभी गौ आश्रय स्थलों का अधिकारी दौरा करके भूसा, स्वच्छ पानी व हरा-चारा और सफाई की समुचित व्यवस्था करानी होगी। टूटी बाउंड्रीवाल तथा पशु शेड की मरम्मत तथा कीचड़ साफ कराने और सांड को अलग बाड़ा बनाकर रखने की व्यवस्था की जाएगी।
कैमरे की जद में रहेंगे 3400 गोवंशी
शासन के आदेश पर जिले के 23 गौ आश्रय स्थलों, कान्हा गोशाला तथा वृहद्ध गो संरक्षण केंद्रों में संरक्षित 3400 बेसहारा गोवंशी की सुरक्षा एवं देखरेख व चारा-पानी पर नजर रखने को सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।