
नौकरी के बहाने बुलाकर दिया साजिश को अंजाम (फोटो- पत्रिका)
Baghpat Murder Case: उत्तर प्रदेश के बागपत के डौला गांव निवासी 12वीं के छात्र को इसलिए मौत के घाट उतार दिया गया क्योंकि उसने घर से भाग रही एक युवती को अपनी बाइक पर लिफ्ट दी थी। हत्यारों ने छात्र को मारने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम का सहारा लिया। उन्होंने पहले एक महीने तक फर्जी आईडी से छात्र से दोस्ती की और फिर उसका भरोसा जीतकर पार्टी के बहाने गाजियाबाद के लोनी बुलाया। यहां गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई।
भाई के मुताबिक, 18 वर्षीय नितिन राणा 12वीं में पढ़ने के साथ-साथ अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहा था। करीब दो महीने पहले उसने बसौद गांव की रहने वाली एक युवती को अपनी बाइक पर लिफ्ट देकर अग्रवाल मंडी टटीरी तक छोड़ा था। वह युवती असल में अपने प्रेमी के साथ घर से भाग रही थी। जब युवती के परिजनों को इस बात का पता चला तो वे नितिन के जानी दुश्मन बन गए। उन्होंने युवती को तो ढूंढकर किसी अन्य युवक से उसकी शादी करा दी लेकिन नितिन को जान से मारने की धमकियां देने लगे।
लगातार मिल रही धमकियों से हम डर गए और घर से बाहर नहीं निकलने देते थे। जब वह बाहर नहीं निकला तो हत्यारों ने एक साजिश रची। भाई चांद ने बताया कि नितिन की हत्या के बाद घर का मोबाइल खंगाला तो इंस्टाग्राम पर भाटी 880 नाम की आईडी पर लंबी बातचीत की चैट मिली। उसकी बातचीत रॉकी गुर्जर के नाम से बनी आईडी पर होती थी। हत्यारों ने करीब एक महीने तक नितिन से मीठी-मीठी बातें की और उसका भरोसा जीत लिया। बुधवार को उन्होंने नितिन को नौकरी दिलाने और पार्टी करने के बहाने लोनी के सिकरानी गांव बुलाया। जैसे ही नितिन वहां पहुंचा तो घात लगाए बैठे हमलावरों ने उसके सीने और सिर में कई गोलियां मार दी।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि युवती के पिता और उसके भाई ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर पूरी हत्या की साजिश रची है। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम देने से पहले ही अपने गांव की करीब छह करोड़ रुपये की संपत्ति और बड़ा फार्म हाउस बेच दिया था। लोगों का मानना है कि हत्या की साजिश काफी पहले से रची जा रही थी।
मृतक के भाई चांद का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी भूल यह रही कि उन्होंने धमकियों की शिकायत पुलिस से नहीं की। अगर समय रहते उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज करा दिया होता और प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई होती तो शायद पुलिस की कार्रवाई के डर से आरोपी इस वारदात को अंजाम देने की हिम्मत नहीं जुटा पाते और उनके भाई की जान बच जाती।
गुस्साए परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद नितिन के शव का अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया और आरोपियों के एनकाउंटर की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। बाद में बागपत और गाजियाबाद पुलिस के आला अधिकारियों ने उन्हें समझाया और दो दिन के भीतर हत्याकांड का खुलासा कर सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद गुरुवार शाम परिजन शव लेने तैयार हुए और गाजियाबाद पहुंचे। लोनी पुलिस सभी बयानों को दर्ज कर मामले की गहराई से जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
Published on:
29 May 2026 03:27 pm
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