
Agneepath scheme केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अक्सर बेबाक टिप्पणी करने वाले मेघालय राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने अब सेना भर्ती के लिए सरकार की अग्निपथ योजना का विरोध किया। उन्होंने कहा कि भर्ती योजना अग्निपथ सेना और जवानों के खिलाफ है। यह सेना और जवानों की उम्मीदों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा छह माह जवान ट्रेनिंग करेगा और छह महीने की छुट्टी, तीन साल नौकरी करने के बाद जब जवान घर लौटेगा तो उसकी शादी भी नहीं होगी।
सरकार को अग्निपथ भर्ती योजना पर पुनर्विचार करना चाहिए। पुरानी पद्धति पर सेना में भर्ती होनी चाहिए। ये देश और इसकी युवा पीढ़ी के लिए ठीक होगा। बागपत पहुंचे सत्यपाल मलिक ने रिटायरमेंट के बाद सक्रिय राजनीति की इच्छा पर सत्यपाल मालिक ने कहा कि उनकी इच्छा कतई राजनीति करने या चुनाव लड़ने की नहीं। वे बोले, पदमुक्त होने के बाद उन्होंने कश्मीर पर किताब लिखने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि किसानों, जवानों के लिए वो जहाँ जरूरी होगा, संघर्ष करेंगे।
रिटायरमेंट के बाद सरकार के खिलाफ आंदोलनों की अगुवाई पर उनका कहना था कि ये सरकार के खिलाफ की बात नहीं है। वो जो कह रहे हैं मुद्दा उठा रहे हैं। वह अगर मान लिया जाए तो यह सरकार के पक्ष की बात होगी। पहले ऐसे किसानों के मुद्दे पर सही बात रखी, अब जवानों की बात कर रहा हूं। बता दें कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक पहले भी कई मौकों पर केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी बात रखते रहे हैं। इससे पहले तीन कृषि बिल को उन्होंने किसानों के लिए घातक बताया था।