
Gurmeet Ram Rahim: राम रहीम को 21 दिन की पैरोल मिली है और हरियाणा सरकार ने इसे "आपातकालीन" कारणों से मंजूर किया है।
गुरमीत सिंह को फिर से पैरोल दी गई है। वह 20 दिन की सशर्त रिहाई पर बाहर आएगा। वह 2 सितंबर को 21 दिन की रिहाई के बाद वापस जेल गया था लेकिन उसने तुरंत फिर से रिहाई की अर्जी दी है जिसे चुनाव आयोग ने स्वीकार कर लिया है। राम रहीम बागपत के डेरा सच्चा सौदा के बरनावा आश्रम में रहेगा। राम रहीम की पैरोल के लिए तीन शर्तें हैं पहला उसे हरियाणा नहीं जाना है।दूसरा किसी के लिए चुनाव प्रचार नहीं करना है और आखिरी शर्त है कि सोशल मीडिया पर कोई अपील नहीं करनी है।
चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से पूछा है कि आखिर कौन सी आपात स्थिति है, जिसके चलते राम रहीम को अब पैरोल देना आवश्यक है। राम रहीम के वकील का कहना है कि साल खत्म होने वाला है, और अगर पैरोल नहीं ली गई, तो 21 दिन "लैप्स" हो जाएंगे।
आपको बता दें कि राम रहीम को 2017 में साध्वी दुष्कर्म मामले में सजा सुनाई गई थी, इसके बाद उसे छत्रपति और रणजीत हत्या के मामलों में भी सजा मिली है। तब से वह सुनारिया जेल में बंद है। पिछली बार, 19 जनवरी को उसे 50 दिन की पैरोल दी गई थी, जिसे उसने यूपी के बरनावा आश्रम में बिताया था। इसके अलावा, गुरमीत को रंजीत सिंह की हत्या के मामले में भी उम्रकैद की सजा मिली है।