बागपत

पैदल ही घर की तरफ निकले मजदूर, ग्रामीणों को देख रोने लगे, हरियाणा पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

Highlights: -शासन प्रशासन द्वारा प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेन और बसें चलायी गयी हैं -आरोप है कि बहुत मजदूर ऐसे हैं, जिन्हे यह सुविधा नहीं मिल रही है -वह जगलों के रास्ते अपने मुकाम पर पहुचने के लिए रात दिन पैदल चल रहे हैं

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May 06, 2020

बागपत। लॉकडाउन के बाद मजदूरों का पैदल चलना जारी है। इस कड़ी खेतों से होकर गुजर रहे मजदूरों ने बागपत पहुंचकर रोते हुए आपबीती बताकर ग्रामीणो से मदद मांगी। दरअसल, शासन प्रशासन द्वारा प्रवासी मजदूरों को उनके गावों और जिलो तक पहुचाने के लिए ट्रेन और बसे चलायी गयी हैं। लेकिन बहुत मजदूर ऐसे हैं, जिन्हे यह सुविधा नहीं मिल रही है और वह जगलों के रास्ते अपने मुकाम पर पहुचने के लिए रात दिन पैदल चल रहे हैं।

शाहजहांपुर निवासी वीरपाल, रवि,सीताराम, प्रेमपाल,मितलेश कुमार, बालकराम, पवन कुमार, रेवाड़ी हरियाणा मे मजदूरी का काम करते हैं। फैक्ट्रियों के बंद होने के कारण उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया। जब पैसा खत्म हुआ तो लोगों ने भी मदद करने से मुंह मोड लिया। जिसके बाद यह लोग पैदल ही शाहजहांपुर के लिए निकल लिए। आरोप है कि जब यह पटौदी हरियाणा पहुचें तो पुलिसकर्मियों ने इन्हें रोड पर नहीं जाने दिया और लाठीचार्ज कर वहां से भगा दिया।

जिसके बाद यह लोग खेतों के सहारे पैदल चलने को मजबूर हैं। जब यह रटौल के पास रूके तो ग्रामीणो ने इनसे पूछताछ की। तब रवि नाम युवक ने बताया कि दो दिन से वह पानी के सहारे पैदल चलने को मजबूर हैं। रोड पर चलने पर पुलिसकर्मी मारपीट करते हैं। जिस कारण वह खेतो के सहारे पैदल चलने को मजबूर हैं। ग्रामीणो ने उनकी खाने पीने की मदद की।

Updated on:
06 May 2020 04:46 pm
Published on:
06 May 2020 04:45 pm
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