Highlights - बागपत के छपरौली कस्बे की हृदय विदारक घटना - पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों पोस्टमार्टम को भेजा - आखिर क्यों की बच्चों की हत्या? कारण स्पष्ट नहीं
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
बागपत. कहते हैं बच्चों पर कैसी भी विपदा क्यों न आ जाए, लेकिन मां अपने बच्चों को बचाने के लिए अपनी जान की बाजी तक लगा देती है। वहीं, इसके उलट बागपत में एक कलयुगी मां ने ऐसा कृत्य किया है कि अब सब उसे माता नहीं, बल्कि कुमाता कह रहे हैं। दरअसल, यहां एक महिला ने अपने दो मासूम बच्चों का ही गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया है। इसके बाद वह अपने बच्चों के शव के पास ही रातभर बैठी रही। गुरुवार सुबह दिन निकलते ही उसने खुद शोर मचा दिया कि मैंने अपने बच्चों को मार दिया है। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर महिला को गिरफ्तार कर लिया, जबकि बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जिले में हुई ये घटना लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।
पुलिस के अनुसार, बागपत के छपरौली कस्बे के मोहल्ला कुरैशियान का रहने वाले गुलाब फेरी लगाकर परिवार का पालन-पोषण करता है। घटना के दौरान वह घर से बाहर था। बताया जा रहा है कि बुधवार रात गुलाब की पत्नी अंजुम ने अपने 8 वर्षीय बेटे उमेर और 5 वर्षीय बेटी अलिफ्शा चुन्नी से गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद दोनों बच्चों के शव घर में ही पड़े रहे और महिला रातभर घर के एक कोने में ही बच्चों के शव के पास बैठी रही।
सुबह होते ही महिला ने शोर मचा दिया कि उसने अपने बच्चों को मार दिया है। शोर सुनकर पड़ोसी पहुंचे तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था और घर से महिला के चीखने की आवाजें आ रही थीं। पड़ोसियाें ने बिना देर किए दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया। जैसे ही उन्होंने अंदर का नजारा देखा तो उनके पैरों तले जैसे जमीन ही न रही। दोनों बच्चे चारपाई पर मृत पड़े थे और अंजुम एक कोने में बैठकर रो रही थी।
बच्चों के गले में चुन्नी का फंदा देख पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने अंजुम को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। इस हृदय विदारक घटना के संबंध में सीओ आलोक सिंह का कहना है कि फिलहाल महिला से पूछताछ की जा रही है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि महिला ने आखिर बच्चों की जान क्यों ली?