पुलिस को मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में मिली बड़ी सफलता
बागपत. सांप्रदायिक संघर्ष के बाद मौहल्ला केतीपुरा में मंगलवार को कोतवाली पुलिस ने पीएसी के साथ फ्लैग मार्च किया और आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया। इस दौरान दंगे का मास्टर माइंड पुलिस के हत्थे चढ़ गया, जबकि एक आरोपी पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा। इस दौरान कोतवाली प्रभारी आरके सिंह के नेतृत्व में पुलिस और पीएसी ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई मकानों में ताबड़तोड़ दबिश दी। सबसे पहले पुलिस ने आरोपी इमरान के चाचा कलीम के मकान पर दबिश दी। बताया जाता है कि सोमवार को इसी मकान से पुलिस पर पथराव किया गया था। वहां पर पुलिस को कोई नहीं मिला। इसके बाद सलमान, इमरान और कय्यूम के मकानों पर पुलिस ने दबिश दी, लेकिन यहां भी कोई सफलता नहीं मिली।
एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा पुलिस को चकमा देकर फरार
पुलिस जब चांद के मकान पर दबिश देने पहुंची तो चांद पुलि को गली में ही मिल गया, लेकिन पुलिस उसे पहचानती नहीं थी। पुलिस जब उससे चांद के मकान के बारे में पूछा तो उसने पुलिस को गुमराह करते हुए गलत मकान पर भेज दिया। पुलिस जैसे ही दूसरे मकान की तरफ चली तो वह मौके से भाग खड़ा हुआ। पुलिस ने भी उसके पीछे दौड़ लगाई, लेकिन वह पुलिस के चकमा देकर एक मकान में जा घुसा और वहां से छत के रास्ते भागने में सफल हो गया। इस बीच पुलिस एक मकान पर दबिश देकर शहजाद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार शहजाद ही इस झगड़े का मास्टर माईड है।
तीन आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस प्रकरण में पुलिस अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने सोमवार की रात सर्च अभियान के दौरान लूटी गई एक भैस बरामद करते हुए बिलाल को गिरफ्तार किया था। भैस बिलाल के घेर में बंधी मिली थी। उसका कहना है कि उसका इस झगड़े से कोई लेना देना नहीं है। उसने अपना घेर इमरान को किराये पर दिया हुआ है। इसके अलावा फरमान चिरौड़िया को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वह इस प्रकरण के अलावा गौकसी के मामले में भी वांच्छित चल रहा था। पुलिस ने मंगलवार को शहजाद को भी गिरफ्तार कर लिया।
दो भैंसें अब भी हैं गायब
सोमवार को हुए संघर्ष के दौरान लूटी गई तीन भैस में से एक भैंस सोमवार की रात सर्च अभियान के दौरान बरामद कर ली थी । दो भैंस अभी गायब हैं। पुलिस का कहना है कि भैंसो की तलाश जारी है । पुलिस के अनुसार बल्ले साहनी उर्फ सलमान और मोमीन का भैंस खोलकर ले जाने में नाम प्रकाश में आया है। उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद ही भैसों का पता चल सकेगा।