जिले में गजब का मामला सामने आया है। जिसमें एक मृत किसान के नाम 39.40 करोड रुपये की आरसी जारी कर दी है। मृत किसान के नाम 39.40 करोड़ रुपये की आरसी लेकर जब अमीन घर पहुंच तो परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों ने इसके बारे में अधिकारियों से मिलकर जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। हैरानी की बात किसान की मौत 2020 में कोरोना संक्रमण के चलते हो चुकी है।
जिले में कोरोना से मृत किसान के नाम 39.40 करोड़ रुपये की आरसी भेज दी गई। आरसी लेकर अमीन घर पहुंचा तो हड़कंप मच गया। 39.40 करोड़ रुपये की आरसी मप्र के टीकमगढ़ से बागपत जिले के गांव जिवाना गुलियान में मृत किसान के नाम भेजी गई है। बड़ौत तहसील का अमीन आरसी लेकर किसान के घर पहुंचा तो इस मामले का पता चला। मृत किसान के बेटे को आरसी तामील कराई, तो पूरा परिवार सन्न रह गया। पीड़ित परिवार ने प्रशासनिक अधिकारियों से इस मामले में मदद की गुहार लगाई है। मृत किसान के परिजनों का कहना है कि ऐसी किसी देनदारी से उनका और उनके मृत पिता का कोई वास्ता नहीं है। अधिकारियों से समस्या का समाधान कराए जाने की मांग की है।
गांव जिवाना गुलियान निवासी किसान सुरेंद्र ने बताया कि गत 10 जून को बड़ौत तहसील का अमीन उनके घर 39.40 करोड़ रुपये की आरसी लेकर पहुंचा और उसको तामील कराई। आरसी मप्र के जिला टीकमगढ़ से आई है। आरसी उनके पिता स्वर्गीय रामधन शर्मा के नाम है। जिस पर लिखा था कि 15 दिन के अंदर 39.40 करोड़ रुपये तहसील में जमा कराए अन्यथा उपस्थित होकर इसका कारण बताए। पीड़ित ने बताया कि उसके पिता रामधन की कोरोना संक्रमण के चलते 27 मई 2020 को मृत्यु हो गई है। इस संबंध में किसान सुरेंद्र ने कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी और बताया कि 2019 में मप्र के टीकमगढ़ में किसी ने बालू रेत खनन पट्टा लेने में उसके पिता का फोटो और फर्जी पहचान पत्र उपयोग किया है। जबकि रेत खनन से उनके पिता या परिवार का दूर दूर तक कोई संबंध नहीं।
किसान सुरेंद्र ने अपने पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र अधिकारियों को दिया है। परिजनों ने आशंका जताई है कि बागपत या आसपास जिले और मप्र के रेत माफिया का गठजोड़ बना है। जिसमें स्थानीय खनन माफिया ने मप्र के माफिया को रामधन का फोटो और पहचानपत्र मुहैया करा दिया हो। एसडीएम बड़ौत सुभाष सिंह ने बताया कि मप्र के टीकमगढ़ से जिवाना गुलियान गांव निवासी स्वर्गवासी व्यक्ति के नाम 39.40 करोड़ रुपये की आरसी का मामला उनके संज्ञान में आया है। जांच कर इस मामले में जो भी संभव होगा कार्रवाई की जाएगी।