Sarvakhap panchayat News अपने तुगलकी फैसलों को लेकर आए दिन सुर्खियों में रहने वाली खाप पंचायतों ने एक बार फिर से सर्वखाप बैठक में बड़ा फैसला लिया है। जिसमें सर्वखाप पंचायत ने लव मैरिज और अंतरजातीय विवाह का विरोध किया है। इस सर्वखाप पंचायत में एकजुटता के साथ ही अंतरजातीय विवाह और लव मैरिज विवाह का विरोध जताया गया। वहीं अदालत के फैसले पर भी सर्वखाप ने नाराजगी जताई है।
Sarvakhap panchayat News बड़ौत के खेड़ा हटाना गांव में दांगी खाप चौधरी ओमपाल सिंह के निमंत्रण पर सर्वखाप पंचायत का आयोजन हुआ। जिसमें समाज सुधार और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ कई निर्णय लिए गए। पंचायत में सर्व खाप के चौधरी सहित खापों के चौधरियों और थंबा चौधरियों ने भाग लिया। भाकियू और बालियान खाप के मुखिया नरेश टिकैत ने भी इसमें भाग लिया। जिसमें उन्होंने कहा कि अंतर जातीय और लव मैरिज गलत है। बिना परिवार की मर्जी के बगैर युवक या युवती की शादी नहीं होनी चाहिए। नरेश टिकैत ने कहा कि अंतर जातीय और लव मैरिज गलत है। परिजनों की अनुमति के बगैर शादी नहीं होनी चाहिए।
बालियान खाप चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि इस तरह से होने वाली शादियों का समर्थन कभी भी खाप नहीं करती। इसके अलावा उन्होंने कोर्ट के उन फैसलों पर नाराजगी जताई है। जिसमें कोर्ट ने इंटर कास्ट और प्रेम विवाह के समर्थन में फैसला दिया। उन्होंने कहा कि जब से कोर्ट ने अंतर जातीय प्रेम विवाह को मंजूरी दी उसके बाद से माहौल खराब होता जा रहा है। बालियान खाप चौधरी और भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने पंचायत में कहा कि समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने का संकल्प लेने से काम नहीं चलेगा। इस पर अमल भी करना होगा। अन्य खाप चौधरियों व थांबेदारों ने अपने-अपने विचार रखे।
खाप चौधरी को आपस में बैर-द्वेष को खत्म कर सभी का सम्मान करना और सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेना जरूरी है। खाप का आपस में प्यार और प्रेम का रिश्ता है। इस दौरान गठवाला खाप चौधरी राजेंद्र सिंह मलिक,बालियान खाप के चौधरी नरेश टिकैत, तालियान खाप के चौधरी सुधीर तालियानचौबीसी खाप के चौधरी सुभाष चौधरी, कालखंड खाप के चौधरी संजय सिंह, धामा खाप के चौधरी जितेंद्र धामा, धनकड़ खाप के चौधरी बिजेंद्र सिंह, देश खाप चौधरी के प्रतिनिधि यशपाल सिंह, थांमबा के चौधरी और दांगी खाप चौधरी ओमपाल सिंह को पगड़ी पहनाकर तथा प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।
खाप पंचायत पहले भी अजीबो-गरीब फैसले करती रही हैं। दिसंबर 2021 में खाप पंचायत ने लड़कियों की शादी 18 से 21 साल करने का विरोध जताया था। खापों का तर्क था कि इससे अपराध बढ़ेंगे। शादी जल्दी होगी तो महिला के खिलाफ होने वाले अपराधों में कमी आएगी। खापों ने तर्क दिया था कि जब 18 साल में वोट डाल सकते हैं। इस दौरान सभी ये कहा कि खाप चौधरी का दायित्व बड़ा होता है। अपने खाप के साथ अन्य कामों को जोड़ कर चलना पड़ता है।