बागपत जिले के निवाड़ा गांव में मंगलवार को अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अचानक से गांव के लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन की समस्या होने लगी। जानिए क्या है वजह।
बागपत जिले के निवाड़ा गांव में छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी लोग इस समस्या से परेशान हो गए। गांव में कुछ महिलाओं की तबीयत बिगड़ने से उल्टी भी हो गई। अचानक हुए इस घटनाक्रम से पूरे गांव में दहशत फैल गई।
मंगलवार सुबह निवाड़ा गांव के आसपास धुएं जैसी परत फैल गई जिसके बाद लोगों को खांसी, आंखों में जलन और आंसू आने लगे। स्थिति बिगड़ती देख गांव के सरकारी स्कूल और मदरसों में तुरंत छुट्टी कर बच्चों को उनके घर भेज दिया गया। जिनकी हालत ज्यादा खराब हुई उन्हें अस्पताल ले जाया गया। ग्रामीणों का कहना था कि बच्चों को रजाई में छिपाकर उनकी सुरक्षा की गई।
कुछ देर बाद पता चला कि यह धुआं बागपत पुलिस लाइन में चल रही मॉक ड्रिल का नतीजा था। पुलिस अभ्यास के दौरान छोड़े गए आंसू गैस के गोलों से उठे धुएं ने निवाड़ा गांव के वातावरण को प्रदूषित कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि सुबह जब मॉक ड्रिल हो रही थी, तभी यह समस्या शुरू हुई। आसमान में फैले धुएं ने गांव के वातावरण को पूरी तरह प्रभावित कर दिया, जिससे लोगों की सांस लेने में दिक्कत और आंखों में चुभन की समस्या बढ़ गई।