
Vipul Khuni Encounter : पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बना कुख्यात बदमाश विपुल उर्फ 'खूनी' आखिरकार एसटीएफ और बागपत पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में मारा गया। शनिवार शाम हुए एनकाउंटर के साथ ही ऐसे अपराधी का अंत हो गया, जिसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी और सुपारी लेकर कत्ल करने जैसे गंभीर आरोपों में 38 मुकदमे दर्ज थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मेरठ एसटीएफ को सूचना मिली थी कि 50 हजार का इनामी बदमाश विपुल बागपत के सिंघावली अहीर क्षेत्र में आने वाला है। टीम ने घेराबंदी की, लेकिन खुद को फंसता देख उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गोली लगने से घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विपुल ने वर्ष 2005 में अपराध की दुनिया में कदम रखा था। उसके खिलाफ पहला मामला शामली के कांधला थाने में दर्ज हुआ। इसके बाद धीरे-धीरे उसका नेटवर्क दिल्ली, मेरठ, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर तक फैल गया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भी उसके खिलाफ मामला दर्ज किया था।
विपुल उर्फ खूनी को पश्चिमी यूपी के कुख्यात सुशील मूंछ गैंग का शार्प शूटर माना जाता था। पुलिस का कहना है कि उसने गैंग के इशारे पर कई संगीन वारदातों को अंजाम दिया। वह सुपारी लेकर हत्या करने और रंगदारी वसूलने के मामलों में भी शामिल रहा।
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2014 में हुए एक हत्या के मामले में वह जमानत पर बाहर आया था। इसके बाद कोर्ट में पेश होने के बजाय फरार हो गया और शिकायतकर्ता व गवाहों को धमकाने लगा। उन पर दबाव बनाने के साथ रंगदारी मांगने की भी शिकायत मिली थी। इसी वजह से शामली पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
जांच एजेंसियों के अनुसार, विपुल का नाम कई हाई-प्रोफाइल अपराधों में सामने आया। उस पर हत्या, लूट, अपहरण, रंगदारी और जानलेवा हमलों के अलावा मुखबिरी के शक में हत्या जैसे गंभीर आरोप भी दर्ज थे। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ कुल 38 आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
एनकाउंटर के बाद पुलिस ने मौके से दो पिस्टल, कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस ने घटना के संबंध में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस का मानना है कि विपुल की मौत से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय संगठित अपराध नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। हालांकि जांच एजेंसियां अब उसके अन्य सहयोगियों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की भी तलाश कर रही हैं।