कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग अन्तर्गत कतर्निया रेंज के आम्बा बिशुनापुर निवासी राबिन पुत्र रवमेश (07) को हिंसक जानवर ने बनाया निवाला
बहराइच। जिले में पिछले कई महीनों से आदमखोर बाघ का आतंक लगातार जारी है। जंगल से सटे आस पास के इलाके में बसे दर्जनों लोगों का शिकार कर आदमखोर बाघ वन विभाग के चंगुल से आजाद चल रहा है। कतर्नियां सेंचुरी रेंज का इलाका बाघ के आतंक से बुरी तरह कराह रहा है। बीते 2 दिन पूर्व जहां थाना सुजौली के चफ़रिया गांव की रहने वाली गीता नाम की एक 17 वर्षीय किशोरी को आदमखोर बाघ ने उस समय अपना शिकार बनाया जब वो गांव की सहेलियों के साथ जानवरों के लिये निशांनगाड़ा रेंज में स्थित अशफाक नाम के एक गन्ना किसान के खेत मे गन्ना की पत्तियों को काटने के लिये गयी हुई थी। उसी बीच झाड़ियों में छिपा बैठा आदमखोर बाघ ने उसपर एका एक हमला बोलते हुए उसे अपने जबड़े में दबोच कर जंगल की तरफ खींच ले गया। और जब साथ गयी सहेलियों की चीख पुकार सुनकर आस पास के ग्रामीणो ने घेराबन्दी की तो आदमखोर गीता की लाश को छोड़ जंगल की ओर भाग गया।
बढ़ रहा वन विभाग के खिलाफ आक्रोश
वहीं एक बार फिर कतर्नियां रेंज में दहशत का पर्याय बना आदमखोर बाघ ने 2 दिन के अंतराल के बाद एक बार फिर थाना सुजौली इलाके के आम्बा विशुनापुर निवासी रमेश के 7 वर्षीय बेटे रॉबिन आदमखोर बाघ का शिकार उस समय हो गया जब वो स्कूल से आने के बाद बकरियों को चराने के लिये घर के नजदीक जंगल की तरफ गया हुआ था। मृतक छात्र रॉबिन सुजौली थाना क्षेत्र में स्थित "द तराई एजुकेशनल एकेडमी" से वापस आकर बकरी चराने वाले बच्चों के साथ अपनी बकरियों को चरा रहा था । तभी घात लगाकर जंगल से निकले हिंसक जानवर ने एकाएक हमला कर अपने जबड़े में दबोच कर जंगल की तरफ भागा। इस घटना को देख मौके पर मौजूद अन्य बच्चो की चीख पुकार सुनकर आस पास के लोग घटना स्थल की तरफ दौड़ पड़े और किसी तरह चीख पुकार लगाकर आदमखोर बाघ के चंगुल में फंसे बच्चे के शव को छुड़ाया । सेंचुरी रेंज में लगातार हो रहे आदमखोर बाघ के हिंसक हमले की घटना से क्षेत्रिय लोगो मे दहसत का मोहौल छाया हुआ है वहीं बाघ के हमले से आस पास ग्रामीणो में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है