बहराइच

सूबे के सबसे लंबे पुल को देख खुश हुए अखिलेश, कहा – हमनें सिर्फ दो किनारों को ही नहीं लोगों को भी जोड़ा है

सूबे के सबसे लंबे पुल को देख भावुक हुए अखिलेश, कहा हमनें सिर्फ दो किनारों को ही नहीं लोगों को भी जोड़ा है
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Updated: 18 Apr 2018, 11:15 AM IST
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बहराइच. यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा बीते 17 अप्रैल को अपनी फेसबुक वाल पर पोस्ट किया गया एक भावुक संदेश बड़ी तेजी के साथ सोशल प्लेटफार्म पर जमकर वायरल हो रहा है। इस भावुक संदेश में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अपनी टैग लाईन "काम बोलता है" का नारा बुलंद करते हुये अपनी फेसबुक वाल पर घाघरा नदी पर बनें प्रदेश के सबसे लंबे पुल चहलारी घाट को देखकर इस बात का संदेश प्रेषित किया है कि हमनें घाघरा नदी पर चहलारी घाट का पुल बनाकर सिर्फ दो किनारों को ही नहीं बल्कि लोगों को भी जोड़ने का काम ? किया है।

आप को बता दें कि बहराइच जिले की सदर विधान सभा से सन 1993 से लेकर 2017 तक लगातार पांच बार सपा के टिकट से विधायकी का ताज पहनने वाले सपा के कद्दावर नेता डॉ वकार अहमद शाह की मौत की खबर पाते ही सपा के रााष्ट्रीय अध्यक्ष एवं यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सहित सपा के तमाम वरिष्ठ जनप्रतिनिधि डॉ वकार अहमद शाह केे पार्थिव शरीर का अंतिम दर्शन कर श्रीद्धांजली देने बहराइच आये हुए थे। यहां से वापस जाते समय यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बहराइच - सीतापुर मार्ग पर स्थित घाघरा नदी पर बनें प्रदेश के सबसे लंबे पुल चहलारी घाट से होते हुए जा रहे थे। इस दौरान जब अखिलेश यादव का काफिला सूबे के सबसे लंबे पुल के ऊपर से गुजरा जिस पुल का निर्माण उन्होंने अपने कार्यकाल में कराया था।

बहराइच और सीतापुर जिले को जोड़ने वाला घाघरा नदी पर बना करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबा प्रदेश का सबसे बड़ा चहलारी घाट पुल को देख अखिलेश यादव ने अपना काफिला कुछ देर के लिये चहलारी घाट के पुल पर रोक दिया। इस दौरान पुल के किनारे एक झोपड़ी नुमा होटल में उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ खड़े खड़े चाय का लुत्फ लिया और अपने कार्यकाल में बनाये गए प्रदेश के सबसे लंबे पुल के बारे में लोगों से खुल कर चर्चा की। आस पड़ोस के लोगों ने बताया कि पहले सीतापुर जाने के लिये विकराल घाघरा को पार करने के लिये नाव ही एक मात्र सहारा थी। लोग अपनी जान जोखिम में डालकर एक छोर से दूसरे छोर पर जाते थे। दो जिलों के बीच स्थित घाघरा नदी पर पुल न होने से लोगों की रिश्तेदारी भी नहीं हो रही थी। वहीं सपा सरकार के राज में इस पुल के बनने से लोगों का सफर काफी आसान हो गया है।

पूर्ववर्ती सपा सरकार के राज में बनें सूबे के सबसे लंबे घाघरा पुल को देख पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चहलारी घाट के पुल पर खड़े होकर यादगार के तौर पर फोटो भी खिंचाई। इसके साथ ही साथ सड़क किनारे खुली चाय की दुकान पर चाय की चुस्की के साथ साथ अखिलेश यादव ने चहलारी घाट के आस पास बसे बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ भी जमकर बातें की। विकराल घाघरा नदी पर बनें बहराइच- सीतापुर जिले को जोड़ने वाले चहलारी घाट के पुल को देखकर पूर्व CM अखिलेश यादव इस कदर भावुक हुए की उन्होंने मौके पर खींची गई अपनी कई जीवंत तस्वीरों के साथ मौके पर महसूस किए गए अपने सुखद अहसासों का बखान करते हुए फेसबुक वॉल पर शेयर किया कि हमने घाघरा नदी पर बने प्रदेश के सबसे बड़े पुल का निर्माण कराकर हमने सिर्फ दो किनारों को ही नहीं जोड़ा,बल्कि लोगों को भी जोड़ने का काम किया है। पूर्व CM अखिलेश यादव का ये भावुक संदेश सोसल प्लेटफार्म पर जमकर शेयर हो रहा है।

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