
सीएम योगी (IANS Photo)
CM Yogi Latest News: नेपाल में हाल ही में आई भीषण प्राकृतिक आपदा और बाढ़ से हुई जनहानि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने नेपाल के साथ-साथ भारत के उन परिवारों के प्रति भी शोक जताया, जिन्होंने इस आपदा में अपने परिजनों को खोया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल भारत का केवल राजनीतिक रूप से मित्र राष्ट्र नहीं है, बल्कि दोनों देशों की हजारों वर्षों पुरानी साझा सांस्कृतिक विरासत है।
सीएम योगी ने नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल खंड की शुरुआत को सीमा क्षेत्र की सुरक्षा और सुविधा के साथ पूरे क्षेत्र की समृद्धि एवं विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से जिन परिवारों ने अपने सदस्यों को खोया है, उनके प्रति भारत की ओर से भी संवेदना है। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के रिश्ते केवल दो देशों के बीच राजनीतिक संबंधों तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच हजारों वर्षों से आस्था, संस्कृति और परंपराओं के गहरे संबंध रहे हैं। भगवान पशुपतिनाथ से काशी विश्वनाथ तक, गोरखा से गोरखपुर और जनकपुर से अयोध्या तक दोनों देशों के लोगों के बीच साझा सांस्कृतिक जुड़ाव है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, दोनों देशों के लोग एक-दूसरे के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर पहुंचकर इस साझा विरासत का सम्मान करते हैं।
सीएम योगी ने बहराइच के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए महाराजा सुहेलदेव को भी याद किया। उन्होंने कहा कि करीब एक हजार वर्ष पहले महाराजा सुहेलदेव ने बहराइच की धरती पर विदेशी आक्रांता सालार मसूद को पराजित किया था। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी कई दशकों तक महाराजा सुहेलदेव जैसे महान योद्धा को भुला दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस विदेशी आक्रांता ने भारत को अपमानित करने का प्रयास किया, उसके नाम पर यहां उर्स और मेले आयोजित होते थे, जबकि महाराजा सुहेलदेव की विजयगाथा को पीछे कर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी आक्रांता के नाम पर कोई आयोजन नहीं हो रहा है, जबकि महाराजा सुहेलदेव की वीरता और विजयगाथा को समर्पित भव्य स्मारक बनकर तैयार हो चुका है।
सीएम योगी ने नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल कनेक्टिविटी को क्षेत्र के लिए परिवर्तनकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस रेल सेवा के जरिए सीमावर्ती क्षेत्र को देश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। उन्होंने बताया कि यहां से शुरू होने वाली पहली ट्रेन रुपईडीहा से वाराणसी स्थित बाबा विश्वनाथ के धाम तक जाएगी। वाराणसी सिटी तक सीधी रेल सुविधा से सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों का काशी से आवागमन आसान होगा और धार्मिक पर्यटन को भी गति मिलने की उम्मीद है।
नेपालगंज रोड-नानपारा-बहराइच रेल खंड की शुरुआत के साथ कई ट्रेनों के नेपालगंज रोड तक विस्तार की शुरुआत भी की गई है। नई रेल कनेक्टिविटी से नेपालगंज रोड से बहराइच, गोंडा, गोरखपुर और वाराणसी तक आवागमन आसान होने की उम्मीद है। इससे सीमा क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक संपर्क को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रेल कनेक्टिविटी केवल सीमा क्षेत्र की सुरक्षा और सुविधा के लिहाज से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र की समृद्धि का रास्ता खोलने वाली है। उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं पैदा होंगी। उद्योगों के विकास, व्यापार के विस्तार के साथ पर्यटन और कृषि को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
सीएम योगी ने बहराइच के पास स्थित कतर्नियाघाट इको-टूरिज्म क्षेत्र की संभावनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नई रेल कनेक्टिविटी से इस प्राकृतिक पर्यटन केंद्र को भी फायदा मिल सकता है। बेहतर आवागमन के कारण देश के दूसरे हिस्सों से आने वाले पर्यटकों के लिए कतर्नियाघाट तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र में कभी गंभीर समस्या रही इंसेफेलाइटिस बीमारी का भी उल्लेख किया।उन्होंने पिछली सरकारों पर आरोप लगाया कि बीमारी को 'अज्ञात बीमारी' बताकर बच्चों की मौत के मामले को दबाने का प्रयास किया गया। सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार बनने के बाद सरकार ने इस समस्या से मुंह नहीं मोड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार ने बीमारी की पहचान करने, उसके कारणों का पता लगाने और इसके उन्मूलन का संकल्प लिया।
सीएम योगी ने कहा कि जिस तरह उत्तर प्रदेश में माफिया का सफाया हुआ है, उसी तरह इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र में कभी इंसेफेलाइटिस के कारण मासूम बच्चों की मौत होती थी, वहां अब स्वास्थ्य और विकास के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेपालगंज रोड से वाराणसी तक शुरू हुई रेल सेवा केवल नई रेल लाइन या ट्रेन सेवा नहीं है। उनके मुताबिक, यह सीमा क्षेत्र को देश की सांस्कृतिक राजधानी से जोड़ने वाली कड़ी है। उन्होंने कहा कि इससे भारत-नेपाल के ऐतिहासिक संबंधों को मजबूती मिलने के साथ बहराइच और पूरे तराई क्षेत्र में विकास की नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
Updated on:
31 Aug 2026 05:52 pm
Published on:
31 Aug 2026 05:52 pm
