
सपा प्रदेश अध्यक्ष का पुष्प गुच्छ देकर स्वागत करते फोटो सोर्स X अकाउंट
UP Politics:समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामपाल सोमवार को पीडीए संवाद कार्यक्रम में शामिल होने बहराइच पहुंचे। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की। श्यामपाल ने बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने की अपील की। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने भाजपा सरकार पर किसान, नौजवान और छात्रों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। कहा कि जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाने के लिए हिंदू-मुस्लिम की राजनीति की जा रही है।
बहराइच में समाजवादी पार्टी के पीडीए संवाद कार्यक्रम के दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामपाल ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं में जोश भरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर सभागार में हुई बैठक में उन्होंने संगठन को गांव और बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को मजबूती से मैदान में उतारने के लिए कार्यकर्ताओं को अभी से तैयारी शुरू करनी होगी। श्यामपाल ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे लगातार लोगों के बीच जाएं। समाजवादी पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों की जानकारी जनता तक पहुंचाएं। उन्होंने जनसमस्याओं को स्थानीय स्तर पर उठाने और लोगों से सीधे संवाद करने की बात कही।
पत्रकारों से बातचीत में सपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान, युवा और छात्र समेत समाज का बड़ा वर्ग परेशान है। उनके मुताबिक किसानों को खाद और यूरिया के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को रोजगार, महंगाई, किसान और युवाओं से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए। श्यामपाल ने आरोप लगाया कि इन मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए हिंदू-मुस्लिम की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, "जो लोग भगवान के नहीं हुए। वे किसान और नौजवानों के क्या होंगे।
2027 के चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में फैसला दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व को करना है। फिलहाल सपा का पूरा जोर अपने संगठन को मजबूत करने और चुनाव की तैयारी पर है। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव, मटेरा विधायक मारिया शाह, कोषाध्यक्ष अब्दुल मन्नान, कृष्ण कुमार ओझा, शबीर वाल्मीकि और नंदेश्वर यादव समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Updated on:
24 Aug 2026 03:47 pm
Published on:
24 Aug 2026 03:47 pm
