
Bahraich Leopard Attack: बहराइच के महबूबनगर गांव में ग्रामीणों के बीच दहशत का कारण बना तेंदुआ आखिरकार पिंजरे में कैद हो गया। मंगलवार भोर में इसी तेंदुए ने बरामदे में चारपाई पर सो रहे 32 वर्षीय राम सिंह पर हमला किया था। वह युवक को करीब 700 मीटर दूर गन्ने के खेत तक खींच ले गया। जहां उसका शव मिला। घटना के बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ाई और 24 घंटे के भीतर तेंदुए को पिंजरे में कैद कर लिया।
बहराइच जिले के मिहींपुरवा इलाके के महबूबनगर गांव में ग्रामीणों को डराने वाला तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में फंस गया। बुधवार भोर में गांव के पास लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ कैद मिला। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उसे सुरक्षित तरीके से ककरहा रेंज कार्यालय ले गई। दरअसल, मंगलवार तड़के गांव के रहने वाले 32 वर्षीय राम सिंह अपने घर के बरामदे में चारपाई पर सो रहे थे। इसी दौरान तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। हमला इतना अचानक हुआ कि राम सिंह को संभलने का मौका नहीं मिला। वन्यजीव उन्हें चारपाई से खींचकर करीब 700 मीटर दूर गन्ने के खेत की तरफ ले गया।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया। परिजन और ग्रामीण राम सिंह की तलाश में जुट गए। करीब तीन घंटे की खोजबीन के बाद सुबह लगभग छह बजे गन्ने के खेत में उनका क्षतविक्षत शव मिला। शुरुआत में ग्रामीणों को लगा कि हमला बाघ ने किया है। इसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। घटनास्थल पर मिले पगचिह्नों की जांच के बाद वन विभाग ने हमलावर के तेंदुआ होने की पुष्टि की।
घटना के बाद वन विभाग ने महबूबनगर और आसपास के इलाके में निगरानी बढ़ा दी। तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव के पास एक पिंजरा लगाया गया। टीम लगातार इलाके पर नजर रख रही थी। इसी बीच 24 घंटे के भीतर आज सुबह ग्रामीणों की नजर पिंजरे में फंसे तेंदुए पर पड़ी। उन्होंने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। टीम ने तेंदुए को पिंजरे समेत ककरहा रेंज कार्यालय पहुंचाया।
प्रभागीय वनाधिकारी अपूर्व दीक्षित ने बताया कि बुधवार सुबह एक तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ है। अब डॉक्टरों की टीम उसकी स्वास्थ्य जांच करेगी। जांच में तेंदुआ स्वस्थ पाया जाता है। तो अधिकारियों के निर्देश और तय नियमों के अनुसार उसे किसी उपयुक्त प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़ा जाएगा। तेंदुए के पकड़े जाने से महबूबनगर के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि वन विभाग ने लोगों को अभी भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। ग्रामीणों से जंगल और वन क्षेत्र के आसपास अकेले नहीं जाने तथा विशेष सतर्कता रखने की अपील की गई है।