
Dargah Mela: मोहम्मद गजनवी के भांजे सैयद सालार मसूद गाजी की याद में लगने वाला नेजा मेला को संभल प्रशासन ने इस बार अनुमति नहीं दी है। प्रशासन ने सैयद सालार मसूद गाजी को लुटेरा और आक्रांत बताया है। बहराइच जिले में सैयद सालार मसूद गाजी की कब्र है। यहां दरगाह बना हुआ है। प्रशासन ने दरगाह मेले में लगने वाली दुकानों की नीलामी अग्रिम आदेश तक स्थगित कर दी है। जिससे यह माना जा रहा है, कि इस बार यहां पर भी दरगाह मेल पर रोक लगा सकती है।
Dargah Mela: यूपी के बहराइच जिले में सैयद सालार मसूद गाजी की कब्र है। यहां पर दरगाह बना हुआ है। प्रतिवर्ष जेठ मास में यहां मेला लगता है। इस मेले में हजारों की संख्या में दूर दराज से लोग आते हैं। यह मेला पूरे एक माह चलता है। बताया जाता है कि दरगाह मेले में लगने वाली दुकानों की नीलामी 23 मार्च को होने वाली थी। लेकिन प्रशासन ने इसे अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया है। इधर हिंदू संगठन भी मेला न लगने की मांग कर रहे हैं।
मसूद गाजी पर हो रहे बवाल के चलते इस बार दरगाह मेला पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। माना जा रहा है कि यह मेला इस बार स्थगित हो सकता है। बताते चलें कि बहराइच में सालार मसूद गाजी की दरगाह पर पूरे जेठ मास एक महीने मेला चलता है। इस बार दरगाह मेले में लगने वाली दुकानों का ठेका अचानक अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है।
दरगाह मेला 2025- 26 की नीलामी अभी तक नहीं हो पाई है। इस ठेके की वार्षिक नीलामी से मसूद गाजी की दरगाह वक्फ को हर साल करोड़ों रुपए का लाभ होता है। चयनित ठेकेदार ठेका नीलामी के जरिए दरगाह मेले में लगने वाली दुकानों से अच्छी खासी रकम की वसूली होती है। मेले के चलते दुकानदारों की कमाई होती है। लेकिन इस बार मेले पर संकट के बदले मंडरा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस बार मिला स्थगित हो सकता है।
बहराइच जिले में अपने एक दिवसीय दौरे पर आए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सैयद सालार मसूद गाजी का बिना नाम लिए आक्रांता बात कर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि आक्रांताओं का महिमामंडन देशद्रोह की नींव को पुख्ता करना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युद्ध के दौरान महाराजा सुहेलदेव ने आक्रांता सैयद सालार मसूद गाजी को मार गिराया था। सीएम ने महाराजा सुहेलदेव को बहराइच की पहचान बताया। और उनके शौर्य गाथा की तारीफ किया।