बहराइच दौरे पर कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने राहुल गांधी और विपक्ष पर हमला बोला। महात्मा गांधी के अंतिम शब्द राम बताए। राम मंदिर और मनरेगा योजना को लेकर कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए।
उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और बहराइच के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही मंगलवार को एक दिन के दौरे पर बहराइच पहुंचे। भाजपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा मनरेगा योजना का नाम बदलने जाने के सवाल पर कहा कि इस योजना से लोगों का भरोसा उठ गया था इसलिए नाम बदल गया है।
भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति अब देश के भीतर नहीं, बल्कि विदेशों में जाकर भारत और केंद्र सरकार की आलोचना करने तक सिमट कर रह गई है। शाही ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को भगवान राम के नाम से परेशानी होती है। जबकि महात्मा गांधी के जीवन के अंतिम क्षणों में भी उनके मुख से ‘राम’ नाम ही निकला था। सूर्य प्रताप शाही ने समाजवादी पार्टी समेत पूरे विपक्ष पर भी कड़ा तंज कसते हुए कहा कि इन दलों को भगवान राम के नाम से ही दिक्कत है। यही वजह है कि आज तक विपक्ष के बड़े नेता अयोध्या जाकर राम मंदिर के दर्शन तक नहीं कर पाए। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर आंदोलन और उसके निर्माण के समय इन दलों ने न तो कोई सहयोग किया और न ही समर्थन दिया।
कैबिनेट मंत्री ने यह आरोप भी लगाया कि यही वे लोग हैं। जिनके वकील अदालतों में खड़े होकर भगवान राम के अस्तित्व को काल्पनिक बताते रहे हैं। शाही ने कहा कि जनता अब सब कुछ समझ चुकी है। और इसी कारण विपक्ष की राजनीति लगातार कमजोर होती जा रही है।
मनरेगा योजना को लेकर पूछे गए सवाल पर सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय इस योजना से लोगों का भरोसा उठने लगा था। इसी वजह से मोदी सरकार ने योजना में बदलाव किए और नाम के साथ-साथ उसकी कार्यप्रणाली में भी तकनीकी सुधार किए। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने कांग्रेस के कार्यकाल की तुलना में चार गुना ज्यादा बजट मनरेगा में दिया है, जिससे ज्यादा काम हुआ और लोगों को सीधा फायदा मिला।