बहराइच में 25 साल पुराने हत्या केस में कोर्ट का बड़ा फैसला आया है। फावड़े से हमला कर युवक की हत्या करने वाले आरोपी को उम्रकैद की सजा मिली। इसके साथ ही 30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
Intro: बहराइच की एक अदालत ने करीब 25 साल पुराने हत्या के मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी अजमेर अली को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा दी है। साथ ही उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
बहराइच जिले की अदालत ने लगभग 25 वर्ष पुराने हत्या के मामले में सोमवार को फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी अजमेर अली को हत्या का दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। यह मामला सितंबर 2001 का है। उस समय देहात कोतवाली क्षेत्र के हठीला गांव के रहने वाले लोकई की फावड़े से हमला कर हत्या कर दी गई थी। घटना के दिन लोकई अपने भाई सफाउल्ला के साथ घर लौट रहे थे। रास्ते में आरोपी ने उन पर फावड़े से हमला कर दिया। जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद मृतक के भाई सफाउल्ला ने स्थानीय थाने में तहरीर देकर अजमेर अली और उसके साथियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की जांच के बाद अजमेर अली के साथ गुलाम रसूल और अशोक कोरी को भी आरोपी बनाया और उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले की जांच उस समय उपनिरीक्षक सत्येंद्र कुमार पांडे ने की थी। जांच पूरी होने के बाद नवंबर 2003 में पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। इसके बाद लंबे समय तक अदालत में इस मामले की सुनवाई चलती रही। सोमवार को अपर जिला जज पवन कुमार की अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने अजमेर अली को दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगायालगाय