
उत्तर प्रदेश के बहराइच ज़िले में एक ऐसा हादसा हुआ। जिसने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया। कभी मुस्कुराने वाली एक चौखट अब लगातार मातम पसरा है। कुछ ही दिन पहले जिस घर से पत्नी की अर्थी उठी थी। वहीं अब पति और उसके दो ममेरे भाइयों की असमय विदाई ने परिजनों का कलेजा छलनी कर दिया।
बहराइच जिले के कैसरगंज थाना के गांव निंदीपुर के रहने वाले अजय लखनऊ के रहने वाले अपने ममेरे भाइयों 18 वर्षीय अंकुर और 16 वर्षीय गोपी के साथ सरयू नदी में नाव से टहलने निकले थे। नाव जब गहराई में पहुंची तो तेज बहाव ने उसे डुबो दिया। तीनों का जीवन लहरों के हवाले हो गए। गांव के लोग बताते हैं कि पत्नी की मौत से अजय बेहद टूट चुका था। परिवार का ढांढस बंधाने के लिए लखनऊ से आए दोनों ममेरे भाइयों ने शुद्ध संस्कार के बाद नदी में घूमने की जिद की थी। कौन जानता था कि यह सैर उनकी जिंदगी की आखिरी सैर साबित होगा।
गुरुवार सुबह जब गोताखोरों ने तीनों के शव बाहर निकाले, तो पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। परिवार के आंगन में पत्नी के तेरहवीं की तैयारी चल रही थी। लेकिन उससे पहले ही पति की चिता सजानी पड़ी। इस दोहरी त्रासदी ने घरवालों की रूह तक हिला दी है।
पुलिस क्षेत्राधिकारी रवि खोखर ने बताया कि अजय, पत्नी की मौत के बाद दसवीं संस्कार में शामिल होने के लिए लखनऊ से आए हुए रिश्तेदार के साथ नाव में सवार होकर नदी में घूमने गए थे। इसी दौरान नाव पलट जानें से तीनों लोग डूब गए थे। आज सुबह उनका शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।