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हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से दो लोगों की झुलस कर मौत, एक महिला घायल

इकौना थाना क्षत्र के नत्थापुरवा में हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से झुलस कर मकान मालिक व राजगीर की मौत हो गई।
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Jun 12, 2018
bahraich
हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से दो लोगों की झुलस कर मौत, एक महिला घायल

श्रावस्ती. इकौना थाना क्षत्र के नत्थापुरवा में हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से झुलस कर मकान मालिक व राजगीर की मौत हो गई। जबकि महिला को गंभीर अवस्था में सीएचसी इकौना में भर्ती कराया गया है। बताया जाता है कि यह घटना सीढ़ी की छत के लिए सोमवार को सटरिंग का पटरा बिछाते समय घटी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लाश का पंचनामा भरा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिनगा भेज दिया है।


बता दें कि इकौना थाना क्षेत्र के नत्थापुरवा गांव निवासी सकटू (50 वर्ष) पुत्र कंधई ने नए मकान का निर्माण कराया था। जिससे सट कर हाइटेंशन लाइन गुजरी है। इसी के बगल छत की सीढ़ी पर सकटू द्वारा सोमवार को छत डालने के लिए सटरिंग कराई जा रही थी। इस दौरान सकटू अपनी पत्नी, सुगना (46 वर्ष) व राजगीर थाना क्षेत्र के लालपुर खदरा के मजरा बलुहा निवासी राधेश्याम (33 वर्ष) पुत्र कृपाराम के साथ सीढ़ी की छत पर मौजूद था। छत पर पटरा बिछाते समय विद्युत आपूर्ति बहाल होने के कारण अचानक सकटू व राधेश्याम हाइटेंशन लाइन की चपेट में आकर धू-धू कर जलने लगे। इसके पहले कि सुगना कुछ समझ पाती उसे भी बिजली का झटका लगा। जिससे वह सीढ़ी की छत से मकान की छत पर आ गिरी। आसपास के लोगों द्वारा इसकी सूचना विद्युत उप केंद्र इकौना सहित इकौना पुलिस को दी गई। जब तक विद्युत आपूर्ति बाधित होती सकटू व राधेश्याम की मौत हो चुकी थी। मौके पर पहुंची इकौना पुलिस द्वारा घायल सुगना को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इकौना में भर्ती कराया गया है। वहीं पुलिस ने दोनों लाश का पंचनामा भरा कर उसे पोस्ट मार्टम के लिए भिनगा भेज दिया है। घटना की सूचना के बाद उपजिलाधिकारी इकौना सुभाष चंद्र प्रजापति ने भी मौके पर पहुंच कर घटना का जायजा लिया। साथ ही पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन भी दिया है।


नए घर का सपना रह गया अधूरा

नत्थापुरवा निवासी सकटू फूस के मकान में रह रहा था जिसके द्वारा कुछ माह पूर्व ही भवन का निर्माण प्रारंभ कराया गया था। उसका सपना था कि वह अपने बेटे अनिल, किशोर व पत्नी सुगना व तीन पुत्रियों जिनमें से एक का विवाह हो चुका है। सभी के साथ अपने नए घर में रहेगा। इस सपने को पूरा करने के लिए उसने पाई पाई जोड़ कर नए मकान का निर्माण प्रारंभ कराया था लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था। किसीे को क्या पता था कि सकटू के नए घर का सपना सपना ही रहेगा। नए घर की चाहत में उसकी जान चली जाएगी। यह सोचकर परिवारीजनों का रो रो कर हाल बेहाल है।


समय रहते सुन लेते अधिकारी तो न जाती जान
नत्थापुरवा में गांव से होकर हाई टेंशन लाइन गुजरी है। सकटू सहित ग्रामीणों द्वारा इस हाई टेंशन लाइन को गांव के बाहर से ले जाने के लिए कई बार मांग की गई लेकिन हर बार बिजली निगम के जिम्मेदार यह कह कर कि यह लाइन आखिर किसी के खेत व गांव से ही होकर गुजरेगी। सकटू के तमाम प्रयास के बाद भी जब अधिकारियों ने नहीं सुना तो उसने कहीं और भूमि न होने के कारण अपने घर के सामने खाली पड़ी अपनी भूमि में ही भवन का निर्माण प्रारंभ कराया। इससे पहले कि भवन निर्माण पूरा होता व सकटू परिवार सहित उसमें रहने जाता उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि सुनते अधिकारी तो न जाती भवन स्वामी व राजगीर की जान।


वहीं इस मामले में अधिशाषी अभियंता विद्युत बताते हैं कि भवन स्वामी द्वारा लाइनमैन के मना करने के बाद भी हाई टेंशन लाइन के नीचे मकान बनाया गया। इसके लिए विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं है। फिर भी विभाग की ओर से जो भी संभव होगा क्षतिपूर्ति दिलाई जायेगी।

Published on:
12 Jun 2018 07:25 am
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