शौच के लिये घर से निकली थी महिला, झाड़ी में छुपे बाघ ने बना लिया अपना निवाला
बहराइच. जिले के कर्तनिया घाट वन्य जीव प्रभाग से लगे जंगलवर्ती गांवों में आदमखोर वन्य जीवों के हमले का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहे है। आये दिन बाघ के हमले की घटना जंगल के आस पास इलाकों से आती रहती है उसके बावजूद ऐसी घटनाओं से सबक लेकर जंगल क्षेत्र के आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को जंगली जानवरों के हमले से निजात दिलाने के लिये वन महकमें की तरफ से अभी तलक कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया जा सका है। जिसका नतीजा ये है कि इस इलाके में लोग आए दिन बाघ का निवाला बन रहे हैं।
साल भर में अब तक करीब एक दर्जन लोग जहां मौत का शिकार हो चुके हैं वहीं करीब 2 दर्जन से भी ज्यादा लोग बाघ के हमले में बुरी तरह घायल हो चुके हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार की सुबह कतर्नियां जंगल के निशानगाड़ा रेंज में घर के नजदीक शौच क्रिया के लिए निकली एक महिला को तेंदुए ने अपना निवाला बना डाला। महिला की चीख पुकार सुनकर जब महिला को तलाशते हुए परिजन जब घर से कुछ दूर पर पहुंचे तो तेंदुआ महिला को अपना निवाला बना रहा था। वहीं मौके पर आस पास के ग्रामीणों द्वारा हांका लगाने के बाद भी तेंदुआ मौके पर काफी देर तक जमा रहा। फिर क्या था घटना स्थल पर भारी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने मशाल जलाकर जब हांका लगाया तब जाकर कही बाघ मौके पर अपने शिकार को छोड़ जंगल की तरफ भाग गया।
केतर्नियां वन्य जीव प्रभाग के निशानगाड़ा रेंज से लगे कारीकोट (वनग्राम) निवासी फुलकेसरी (55) पत्नी विद्याराम शौच के लिए गांव से सटे जंगल के किनारे गई थी। इस दौरान झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने महिला के ऊपर अचानक हमला बोल दिया। और मौके पर ही बाघ ने महिला को अपना निवाला बना लिया। काफी समय बीतने के बाद जब महिला घर वापस नहीं आई तो परिजनों को अनहोनी की चिंता सताने लगी। परिजन महिला की तलाश में जैसे ही जंगल के किनारे पहुंचे तो आदमखोर बाघ जंगल के किनारे महिला को अपने जबड़े में दबोच कर निवाला बना रहा था।
इस दृश्य को देख मृतका के परिजन अवाक रह गए । ग्रामीणों ने मसाल जलाकर जब हांका लगाया तब बाघ मौके से जंगल मे भाग गया। बाघ और तेंदुए के लगातार हो रहे हमले से ग्रामीण दहसतजदा है। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग के अधिकारियों की टीम ने पगचिह्न को देखकर तेंदुए के हमले की पुष्टि की।