बालाघाट

मरीजों की इमरजेंसी सेवा में लगे 108 वाहन खुद बीमार

जिले को प्रदान किए गए 21 वाहन में छह खराब समय पर मेंटनेंस नहीं होने की बताई जा रही समस्या

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May 22, 2025
जिले को प्रदान किए गए 21 वाहन में छह खराब

आपात कालीन स्थिति में मरीजों की सेवा में लगे 108 वाहन इन दिनों खुद बीमार है। समय पर मेंटनेंस के अभाव में वाहनों ने दम तोड़ दिया है। वर्तमान में ऐसे बंद वाहन जिला अस्पताल की शोभा बढ़ा रहे हैं। एक जानकारी के अनुसार जिले को 21 एम्बुलेंस 108 प्रदान की गई थी। इनमें छह वाहन खराब होने की जानकारी सामने आई है। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ परेश उपलव के अनुसार उन्होंने जानकारी ली है। दो वाहन बंद होने बताया जा रहा है। शुक्रवार को पायलेट और कंपनी मुख्याय में बात कर वाहनों को दुरूस्त करवाया जाएगा।
इधन नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कंडम वाहनों में लगे पायलटों ने बताया कि जिले में चल रहे 108 एम्बुलेंस के टायरों की निर्धारित आयु समाप्त हो गई है। बावजूद इसके मेंटेनेंस नहीं करवाया जा रहा है। कुछ वाहनों के इंजनों में बार-बार खराबी आ रही है। इसके बावजूद सेवा संचालनकर्ता कंपनी बेहतर सेवा का दावा कर रही है। बताया गया कि कुछ वाहन अधिक चल चुके हंै। सम्पूर्ण जानकराी से कंपनी को वाकिफ कराया जाता है। लेकिन सुधार कार्य नहीं किया जा रहा है।

एडवांस वाहन की भी एसी बंद

जिला अस्पताल परिसर में रहने वाली एडवांस लाइफ सपोर्ट वाला एयर कंडीशनर वाहन भी अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाता नजर आया। इस वाहन में एडवांस तकनीक जैसा कुछ नजर नहीं आता है। वाहन की स्थिति भी बेहद खराब हो गई है। इनमें कुछ उपकरण और एसी आदि खराब व बंद पड़े हैं। इसके वाबजूद वाहन को दौड़ाया जा रहा है। स्वयं इन गाडिय़ों का संचालन करने वाले पायलट (वाहन चालक) बताते हैं कि इन गाडिय़ों का मेंटेनेंस का समय अधिक हो गया है। बावजूद भी मेंटेनेंस नहीं किया जा रहा है।

21 में छह वाहन बंद

जिले को 21 एम्बुलेंस 108 की मिली थी। जिसमें से इन दिनों छह 108 एम्बुलेंस बंद होने की जानकारी है। चार एंबुलेंस मेंटेनेंस के अभाव में बंद है, दो एंबुलेंस अलग-अलग कारणों से बंद है। बताया गया कि 15000 किमी एंबुलेंस चलने के बाद इनका मेंटेनेंस का कार्य करना होता है। लेकिन वर्तमान में 22000 किमी. चलने के बावजूद भी 108 एंबुलेंस का मेंटेनेंस का कार्य नहीं किया गया है। सभी 108 एंबुलेंस की एसी बंद हो चुकी है। ऐसे में यदि किसी बर्न पीडि़त मरीज को लाना हो, तो उसके लिए सबसे बड़ी दिक्कत खड़ी हो जाएगी। इस विषय को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी उतना सक्रिय नजर नहीं आ रहा है। यह समस्या कई महीनों से होने की बात कही जा रही है।
वर्सन
हमें जानकारी लगी है। हम भोपाल से लौट रहे हैं। कल ही पायलट और कंपनी मुख्यालय में बात की जाएगी। हमनें पता किया है दो वाहनों में समस्या होना बताया गया है। हम मुख्यालय पहुंचकर दिखवाते हैं।
डॉ परेशन उपलव, सीएमएचओ बालाघाट

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