ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया गया काबू, 50 लाख की नुकसानी का अनुमान
शहर के प्रमुख और घनी आबादी वाले जय हिंद टॉकीज क्षेत्र में शनिवार दोपहर उस समय हडक़ंप मच गया, जब यहां स्थित गुरुकृपा सेल्स कार्पोरेशन में अचानक भीषण आगजनि हो गई। सुभाष चौक के समीप स्थित इस दो मंजिला थोक किराना प्रतिष्ठान में आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान के द्वितीय तल पर रखे मसाले, तेल, मिर्च, हल्दी सहित अन्य किराना सामग्री कुछ देर में ही आग की चपेट में आ गई। आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी। ऊंची उठती लपटें और काला धुआं दूर से दिखाई दे रहा था, आसपास के दुकानदारों और रहवासियों में दहशत फैल गई। दुकान संचालक श्याम जवाहरानी के अनुसार इस आगजनि से उन्हें करीब 50 लाख की नुकसानी का अनुमान है।
बता दें कि जय हिंद टॉकीज के आसपास का क्षेत्र न केवल व्यवसायिक बल्कि रिहायशी भी है। यहां दिनभर लोगों की भीड़ बनी रहती है। समय रहते आग पर काबू न पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के दौरान एक गंभीर लापरवाही भी उजागर हुई। दुकान में किसी भी प्रकार के फायर सेफ्टी उपकरण मौजूद नहीं पाए गए। न अग्निशमन यंत्र और न ही आपात स्थिति से निपटने की कोई व्यवस्था देखी गई। स्थानीय नागरिकों में नाराजगी भी देखी गई। लोगों का कहना रहा कि बड़े प्रतिष्ठान तो बनाए जाते हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर दी जाती है, कारण यहीं है कि इस तरह की घटनाएं और अधिक भयावह रूप ले लेती हैं।
आग की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। क्षेत्र को सुरक्षित करते हुए भीड़ व यातायात को नियंत्रित किया। नगर पालिका की फायर ब्रिगेड की तीनों दमकल गाडिय़ों को तत्काल मौके पर लगाया गया। आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के लिए 8 से 10 पानी के टैंकरों की भी मदद लेनी पड़ी। दोपहर करीब 2 बजे हुई आगजनी की घटना पर शाम लगभग 4.30 बजे तक लगातार प्रयास किए गए, तब कहीं जाकर आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। लेकिन दुकान में रखा भारी मात्रा में सामान जलने से दुकान संचालक को करीब 50 लाख रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। पुलिस और संबंधित विभाग घटना के कारणों की विस्तृत जांच कर रहे हैं। यह घटना एक बार फिर शहर में व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी व्यवस्था की सख्त जरूरत को उजागर करती है।