बालाघाट. जिले के अधिकांश स्कूलों में शौचलायों के हॉल ठीक नहीं है। कहीं छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय नहीं है तो कहीं टूटे दरवाजे वाले शौचालय का प्रयोग करना पड़ता है। स्कूलों में पानी नहीं होने से बाहर से लाना पड़ता है। ‘पत्रिका’ ने शासकीय प्राथमिक शाला छोटी घोंदी व शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला […]
बालाघाट. जिले के अधिकांश स्कूलों में शौचलायों के हॉल ठीक नहीं है। कहीं छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय नहीं है तो कहीं टूटे दरवाजे वाले शौचालय का प्रयोग करना पड़ता है। स्कूलों में पानी नहीं होने से बाहर से लाना पड़ता है। ‘पत्रिका’ ने शासकीय प्राथमिक शाला छोटी घोंदी व शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला कुल्पा के कुछ ही ऐसे दृश्य कैमरे में कैद किए हैं।
प्राथमिक शाला छोटी घोंदी के दो शौचालय का दरवाजा टूटा है। छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय जाने एक गली नुमा रास्ता है। शाला परिसर में पानी की सुविधा नहीं है। बीते कुछ वर्ष पूर्व बोर करने के साथ पीएचई ने पानी टंकी लगाई थी, लेकिन कुछ माह चलने के बाद बंद हो गई। परिसर में लगे हैंडपंप का भी यही हॉल है। प्रधान पाठक गोविंद प्रसाद नामदेव ने बताया कि पानी बाहर से लाना पड़ता है। शौचालय की सफाई हमलोग करते हैं। पीएचई ने जो बोर किया था वह खराब हो गया, लेकिन अब तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई।
एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला कुल्पा का भी कुछ ऐसा ही हॉल है। यहां पर छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय अलग-अलग है, लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं है। एक ही परिसर में प्राथमिक व माध्यमिक शाला संचालित है। प्रधान पाठक देवेंद्र कुमार रावटे ने बताया कि शौचालय की सफाई हमलोग करते हैं। एक कक्ष जर्जर हो गया है, जिसमें कक्षा नहीं लगती है।
विद्यांजलि ने बदले प्रा. शाला पन्ड्रापानी, बोडख़ी व चुक्काटोला की सूरत
बालाघाट. नक्सल प्रभावित क्षेत्र के विद्यालयों की सूरत पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के एक प्रयास से बदल रही है। एकल सुविधा केन्द्र विद्यांजलि, एकल प्रयास सामूहिक विकास के तहत कायाकल्प का कार्य किया जा रहा है। इस कायाकल्प ने शासकीय प्राथमिक शाला पन्ड्रापानी, बोडख़ी व चुक्का टोला के शाला भवन को चमका दिया है। लेकिन इन सबके बीच पन्ड्रापानी व चुक्काटोला शौचालय के हॉल बेहतर नहीं हैं।
शासकीय प्राथमिक शाला पन्ड्रापानी के एक शौचालय का दरवाजा टूटा है। उसमें लकड़ी भरी है। दूसरे शौचालय के भी हॉल ठीक नहीं है। हालांकि उक्त शाला भवन कायाकल्प के बाद चमक रहा है। शिक्षक प्रीतम सिंह बघेल ने बताया कि वर्तमान समय में आंगनबाड़ी भवन में कक्षा लगाई जा रही है।
शासकीय प्राथमिक शाला बोडख़ी का भवन चमक रहा है। यहां छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय है। पानी के पर्याप्त इंतजाम है। प्रधान पाठक रमेश कुमार मरावी ने बताया कि शाला भवन बारिश में टपकता था, लेकिन कायाकल्प के बाद यह बेहतर हो गया है।
बैगा ग्राम चुक्काटोला के शासकीय प्राथमिक शाला भवन के हॉल ठीक नहीं थे। बारिश के दिनों में छात्रों को परेशानी होती थी, लेकिन अब विद्यांजलि ने भवन की सूरत बदल दी है। यहां छात्र-छात्राओं के लिए शौचालय एक ही है, जो काफी पुराना है। उसके कुछ भाग पर छत नहीं है। प्रधान पाठक महेश कुमार कातूरे ने बताया कि कायाकल्प के बाद भवन अच्छा बन गया है। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने यहां तीन दिनों तक श्रमदान किया था।