हवा में अनुविभागीय दंडाधिकारी के निर्देश
अपने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अव्हेलना कर मामले को टाल मटोल कैसे किया जाता है, वारासिवनी क्षेत्र में देखा जा सकता है। दरअसल वारासिवनी के अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) पिछले पांच वर्षो से तहसीलदार को मंडी परिसर का सीमांकन करने के निर्देश देते आ रहे हैं। लेकिन तहसील कार्यालय के जिम्मेदार एसडीएम के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए अब तक सीमांकन कार्य पूरा नहीं कर पाए हैं। इस मामले में एसडीएम भी लाचार नजर आ रहे हैं। जिन्होंने लगातार की जा रही आदेशों की अव्हेलना मामले को गंभीरता से नहीं लिया ना ही किसी तरह की कोई अनुशासन हीनता की कार्रवाई की। परिणाम स्वरूप कई वर्षो से मामला लंबित चला आ रहा है।
पूरा मामला नगर के वार्ड 7 में स्थित कृषि उपज मंडी परिसर से जुड़ा है। मंडी के भारसाधक अधिकारी एसडीएम व मंडी सचिव सीमांकन के लिए आदेश व आवेदन कर चुके हैं। वर्ष 2020 से अब तक करीब पांच बार सीमांकन के लिए कहा जा चुका है। लेकिन शायद तहसीलदार को इस कार्य के लिए फुर्सत नहीं मिल पाई है। तभी तो इतने वर्ष बाद भी अब तक सीमांकन कार्य नहीं किया गया है। लगातार निर्देशों की अव्हेलना की जा रही है।
प्राप्त जानकारी अनुसार कृषि उपज मंडी वारासिवनी का कुल रकबा 2.128 हेक्टेयर है। लेकिन वर्तमान में मंडी के चारों ओर अतिक्रमण की बाढ़ आ गई। रकबा कम हो गया हैं। सीमांकन के लिए कृषि उपज मंडी वारासिवनी के सचिव ने 8 अगस्त 2020 को मंडी के भारसाधक अधिकारी व एसडीएम को पत्र लिखा गया था। एसडीएम ने 24 अगस्त 2020 को तहसीलदार को पत्र लिखकर मंडी का सीमांकन कर फील्ड बुक और रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। इस आदेश का असर तहसीलदार पर नहीं पड़ा।
कृषि उपज मंडी की ओर से एसडीएम को 25 जनवरी 2021, 31 अक्टूबर 2021ए, 20 मार्च 2023 और 23 अगस्त 24 को सीमांकन के लिए आवेदन किया गया। एसडीएम ने भी तहसीलदार वारासिवनी को 10 मई 22, 4 अप्रेल 2023, 7 सितंबर 24 एवं तहसीलदार व राजस्व निरीक्षक को 17 नवंबर 2021 को पत्र लिखकर सीमांकन कर फील्ड बुक पेश करने के निर्देश दिए जाते रहे। लेकिन तहसीलदार की ओर से हर बार आदेशों की अव्हेलना कर कब्जा धारियों को बढ़ावा दिया जाते रहा। वर्तमान पूरा मंडी परिसर अतिक्रमण कारियों से घिर चुका है।
मंडी प्रांगण प्रभारी नागेन्द्र सिंह रंगारे ने बताया कि मंडी की ओर से वारासिवनी कृषि उपज मंडी व कोचेवाही उपमंडी का सीमांकन करने के लिए आवेदन लगाए गए हंै। लेकिन दोनों ही मंडियों की भूमि का सीमांकन नहीं किया गया है। मंडी बोर्ड मुख्यालय भोपाल की ओर अतिक्रमण अथवा मंडी की स्पष्ट भूमि का रकबा नक्शा अनुमोदन करवाने की कार्रवाई में मंडी कार्यालय को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हैं।
वर्सन
कुछ दिनों पूर्व ही मंडी क्षेत्र में स्थित दुकानों का सीमांकन कर रिपोर्ट एसडीएम को दे दी गई हैं। उन दुकानदारों को मरम्मत के लिए अनुमति की आवश्यकता हैं। इसलिए मंडी ने एसडीएम के माध्यम से उनके सीमांकन का आवेदन लगाया था, जो कर दिया गया हैं।
इमरान मंसूरी, तहसीलदार
मंडी परिसर का सीमांकन शीघ्र ही करवाया जाएगा। अभी वहां स्थित दुकानदारों ने मरम्मत कार्य करवाने की अनुमति मांगी हैं। उसका सीमांकन करवाया गया है। मंडी परिसर के सीमांकन की कार्रवाई के आदेश भी दे दिए गए हंै।
राजीव रंजन पांडे, एसडीएम भारसाधक अधिकारी वारासिवनी