गरीबों की थाली से गायब हुई दाल

अर दाल के दाम में तेजी आने से उसका तड़का लगना अब कम हो गया है। आलम यह है कि तुअर दाल गरीबों की थाली से पूरी तरह ही गायब हो गई है।
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Oct 27, 2015
balaghat
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बालाघाट
. तुअर दाल के दाम में तेजी आने से उसका तड़का लगना अब कम हो गया है। आलम यह है कि तुअर दाल गरीबों की थाली से पूरी तरह ही गायब हो गई है। गरीबों के भोजन में सबसे जरुरी माने जाने वाली दाल ने अब मध्यम वर्गीय परिवारों के घरों का बजट भी बिगाड़ दिया है। इस समय तुअर दाल 200 रुपए प्रति किलो की दर से बिक रही है। पिछले दो महीने में महंगाई का सबसे ज्यादा असर दाल पर देखा गया है। मूंग, उड़द सभी दालों के भाव सौ रुपए से अधिक हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार बाजार में मूंग दाल दो माह पूर्व 70-80 रुपए प्रतिकिलो थी। अब इसका दाम 120 रुपए प्रतिकिलो हो गया है। इसी तरह तुअर दाल भी 100 रुपए से बढ़कर 200 रुपए प्रति किलो, उड़द दाल 65-70 रुपए से बढ़कर 120-30 रुपए प्रति किलो बिक रही है। चना और मसूर दाल में भी पिछले दो महीने में 20-40 रुपए की बढ़ोत्तरी हुई है।

कालाबाजारी की आशंका

दालों के रेट बढ़ते ही उसकी कालाबाजारी की आशंका बढ़ गई है। बड़े शहरों में दालों का स्टॉक करने से दाल के दामों में तेजी आई है। एक अनुमान के मुताबिक बड़े शहरों में हजारों मीट्रिक टन तक दालों का स्टॉक थोक व्यापारियों द्वारा किया गया है। जिसकी वजह से सभी प्रकार की दालों के दामों में वृद्धि होने लगी है। हालांकि, दालों के दामों को लेकर शासन भी गंभीर हो गई है।

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Published on:
27 Oct 2015 09:19 pm