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दतिया में विद्रोह और बांकीपुर में डैमेज कंट्रोल की कोशिश, उपचुनाव से पहले बीजेपी के सामने दोहरी चुनौती

बांकीपुर और दतिया उपचुनाव को लेकर बीजेपी मुश्किल में घिर गई है। कहा जा रहा है कि नितिन नवीन की टीम उनकी ही सीट पर उम्मीदवार के चयन में गलती कर बैठी। पढ़ें पूरी खबर...
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Datia By Election

Datia By Election (36 साल बाद पहली बार टिकट की रेस से बाहर हुए नरोत्तम मिश्रा Photo source- Patrika)

By Election: मध्य प्रदेश और बिहार दोनों ही बीजेपी शासित राज्य हैं। बिहार में जदयू और अन्य सहयोगी के साथ सरकार में हैं। बीजेपी नेता सम्राट चौधरी प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के चलते खाली हुई पटना की बांकीपुर सीट पर उपचुनाव होना है। यहां बीजेपी ने पहले अभिषेक कुमार बंटी को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए अपना नाम वापस ले लिया है। इसके बाद पार्टी ने नीरज सिन्हा को नया उम्मीदवार घोषित कर दिया है। जिसके बाद से बीजेपी राजद, जनसुराज सहित अन्य विपक्षी दलों के निशाने पर आ गई है।

दतिया में कटा नरोत्तम मिश्रा का टिकट

दूसरी तरफ, मध्य प्रदेश में भी बीजेपी की सरकार है। डॉ मोहन यादव प्रदेश के मुखिया हैं। दतिया उपचुनाव को लेकर बीजेपी की तरफ से पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को टिकट मिलने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन जब नाम का ऐलान हुआ तो दतिया से लेकर भोपाल तक नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों के चेहरे की हवाईयां उड़ गई। बीजेपी ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी उम्मीदवार बना दिया। जिसके बाद से नाराज नरोत्तम के समर्थक मैदान में उतर आए हैं। दतिया में दनादन भाजपा कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों के इस्तीफे का दौर शुरू हो गया। नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने दतिया में जमकर विरोध प्रदर्शन भी किया। दतिया जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण समेत सभी जिला पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया। एक साथ इतनी ज्यादा संख्या में इस्तीफे होने से पार्टी में हलचल तेज हो गई है।

अभिषेक कुमार बंटी के टिकट कटने की ये है मेन वजह

कहा जा रहा है कि अभिषेक के नामांकन पत्र में परिवार और शिक्षा के बारे में गलत जानकारी दी गई थी। भाजपा को डर था कि गड़बड़ियों के चलते अभिषेक का नामांकन रद्द हो सकता है। इस सीट से चुनावी ताल ठोक रहे जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर और राष्ट्रीय जनता दल के नेता इसे लेकर मुद्दा बना सकते हैं। वहीं, बंटी के पिता का नाम भी चारा घोटाला में शामिल बताया जा रहा है।

अभिषेक सिन्हा के पिता रविंद्र प्रसाद सिन्हा मेसर्स मगध केमिकल्स कॉर्पोरेशन नाम की कंपनी में मैनेजर थे। यह कंपनी चारा घोटाला में शामिल थी। अभिषेक के पिता रविंद्र पर आरोप था कि उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी बिलों के जरिए सरकारी खजाने से पैसे निकाले थे। डोरंडा ट्रेजरी केस में लालू यादव समेत जिन 75 लोगों को सजा हुई थी। उसमें अभिषेक के पिता भी थे। उनपर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगा था।

नीरज सिन्हा को लेकर भी हो सकता है नया बवाल

बांकीपुर सीट से बीजेपी के नए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को लेकर भी सोशल मीडिया पर नया बवाल शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर तैर रहे उनके बायोडेटा के मुताबिक उनका जन्म 1 जुलाई 1994 को पटना में हुआ था। वह बीजेपी के प्राथमिक सदस्य साल 2006 में बन गए। यानि कि वह महज 12 साल की उम्र में भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता बन गए।