- यात्रा करना बनी मजबूरी, प्रशासन को लेना चाहिए संज्ञान - पक्की पटरी नहीं होने से हादसे में वृद्धि - बेखबर एमपीआरडीसी को नहीं है परवाह
बालाघाट. बालाघाट-सिवनी मार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों की माने तो इस मार्ग पर मोटरसाइकिल से सफर करना जान जोखिम में डालना है। सामने से फर्राटा भरते हुए आने वाले वाहनों से कार सवारों को भी दिक्कत होती है। उनकी माने तो कुछ वाहन ऐसे हैं, जो समय मिलाने के चक्कर में रफ्तार की बात हवा से कराते हैं। नतीजा हादसे में लोगों की जान जा रही है। बालाघाट जिले के लालबर्रा थाना व सिवनी जिले के बरघाट थाना क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर करीब तीन माह के अंदर दर्जनभर से अधिक लोगों ने जान गंवाई है। यह बात 'पत्रिकाÓ से बालाघाट व सिवनी जिले के उन लोगों ने बताई, जो उक्त मार्ग पर यात्रा करते हैं।
उनकी माने तो उक्त मार्ग पर सिवनी जिले की सीमा में स्थित धारनाकला में सबसे अधिक हादसे हुए हैं। इस स्थान पर मरने वालों की संख्या करीब सात है। इसमें बालाघाट जिले के एक कार सवार परिवार के दो सदस्य (पिता-पुत्र) भी शामिल है, जो बीते कुछ माह पूर्व एक रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे।
यात्रा करने वाले लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत तत्काल कराने के साथ ही पटरियों को पक्का किया जाए, जिससे हादसे में कमी आए। कई स्थानों पर यह मार्ग काफी सकरा है।
मार्ग की हालत ठीक नहीं है। तत्काल मरम्मत कराया जाना चाहिए, जिससे सहुलियत मिले। जोखिम के बीच यात्रा पूरी हो रही है।
सड़क पर बने गड्ढे परेशानी का कारण बन रहे हैं। कच्ची पटरियां जले पर नमक छिड़क रही है। प्रशासन तत्काल संज्ञान लें।
सड़क इतनी जर्जर है कि तत्काल इसकी मरम्मत कराई जानी चाहिए। इसकी अनदेखी ठीक नहीं है। यह भारी पड़ेगी।
सड़क की चौड़ाई बढ़ानी चाहिए। इस मार्ग से गुजरने वाले वाहनों की संख्या में इजाफा हुआ है। इस ओर ध्यान देना चाहिए।
सड़क की हालत ठीक नहीं होने से कई लोगों की जान हादसे में चली गई। महकमे को इस ओर ध्यान देना चाहिए। मरम्मत बहुत जरूरी है।
जनप्रतिनिधियों को तत्काल संज्ञान लेकर इसकी मरम्मत शुरू करा देनी चाहिए। सड़क पर बहुत गड्ढे हो गए हैं। कई जगह सड़कें उधड़ गई है।