. लोगों की सुरक्षा और अपराधियों पर नकेल कसने की मंशा से पुलिस डायल 100 योजना शुरु करने जा रही है। जिले में यह योजना एक नवम्बर से शुरु होने की संभावना है। इसके लिए जिले को दस सर्वसुविधा युक्त सफारी वाहन मिले हैं। पूर्व में यह योजना अगस्त माह से शुरु होने वाली थी। लेकिन तैयारियां पूरी नहीं हो पाने के कारण इसे नवम्बर माह से शुरु किया जा रहा है। बालाघाट मुख्यालय में पुराने कोतवाली परिसर में इसका कंट्रोल रुम बनाया गया है। जहां आधुनिक उपकरणों के माध्यम से निगरानी रखी जाएगी।
जानकारी अनुसार डायल 100 योजना अभी प्रारम्भिक चरण में प्रदेश के पांच जोन के कुछेक जिलों में शुरु होगी। इसके बाद योजना के सफल क्रियान्वयन होने के बाद इसे अन्य जिलों में लागू किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए विभाग द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। डेढ़ सौ पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को योजना को ऑपरेट करने के लिए प्रशिक्षण दे दिया गया है। जबकि मैदानी प्रशिक्षण होना शेष है। पीसीआर वेन मिलने के बाद ही चयनित कर्मचारियों को मैदानी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिले में पांच सौ स्थान चिन्हित
इस योजना के लिए पुलिस द्वारा पांच सौ स्थानों को चिन्हित किया गया है। ये वे स्थान है जहां दुर्घटना होने की संभावना अधिक होती है। इसके अलावा दस स्थान को भी चिन्हित किया गया है। जहां सर्वसुविधा युक्त वाहनों को रोजाना खड़ा किया जाएगा। पुलिस द्वारा जो स्थान चिन्हित किया गया है, उसकी जीआईएस मेपिंग पीएचक्यू द्वारा की गई है। पुलिस ने आपात स्थिति में लोगों को सरल तौर पर पुलिस सेवाओं को प्राप्त करने और स्थानीय पुलिस स्टेशन या पुलिस अधिकारियों से संपर्क करने की मंशा से इस योजना को क्रियान्वित किया है। योजना के तहत जैसे ही एक व्यक्ति 100 नंबर पर कॉल करेगा, वैसे ही संबंधित व्यक्ति से आवश्यक जानकारी, घटना का विवरण और स्थान की जानकारी ली जाएगी। यह जानकारी प्रशिक्षित कर्मचारियों द्वारा कंट्रोल रुम में दर्ज की जाएगी। इसके बाद कम्प्यूटर सिस्टम से सीएलआई डेटाबेस, जीआईएस नक्शे की सहायता से उक्त क्षेत्र को पहचाना जाएगा। इसके बाद समीपस्थ पीसीआर वेन को इसकी जानकारी दी जाएगी। जो मौके पर पहुंचकर वस्तुस्थिति का जायजा लेकर आवश्यक कार्रवाई करेगी।
अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होंगे वाहन
इस योजना के तहत जो वाहन हायर किए गए हैं, वे अत्याधुनिक उपकरणों से लैस हैं। वाहनों में जीपीएस सिस्टम, जीआईएस नक्शे, सीएडी, कम्प्यूटर सहित अन्य उपकरण लगे हुए हैं। जो घटना स्थल को वाहन से ही सर्च कर लेगा।
30 अधिकारी-कर्मचारियों का होगा स्टाफ
डायल 100 योजना के संचालन के लिए प्रमुख रुप से जिले में करीब 30 अधिकारी-कर्मचारी की मुख्य टीम होगी। जिसमें एक टीआई, चार उपनिरीक्षक, छ: सहायक उपनिरीक्षक, दस प्रधान आरक्षक और इतने ही आरक्षक होंगे। इसके अलावा अन्य कर्मचारी सहयोगी के रुप में कार्य करेंगे। मुख्य टीम के पुलिस कर्मी वायरलेस, रेडियो, सीयूजी, जीएसएम कनेक्टिविटी और अन्य मॉडल गैजेट से लैस रहेंगे।
डायल100 योजना नवम्बर माह के पहले या दूसरे सप्ताह में शुरु हो सकती है। योजना के क्रियान्वयन के लिए करीब डेढ़ सौ कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। मैदानी प्रशिक्षण होना शेष है। वाहन मिलने के बाद इन कर्मचारियों को मैदानी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस योजना की कंट्रोलिंग स्थानीय कंट्रोल रुम परिसर से होगी।
-गौरव तिवारी, एसपी, बालाघाट