बालाघाट

जिस काम को निशुल्क कर रही जन अभियान की टीम उस काम के लिए लाखों रुपए खर्च कर रही नपा

फिर पानी में लाखों रुपए खर्च करने की तैयारी में शहर की नगरपालिका
3 min read
Jan 19, 2026
फिर पानी में लाखों रुपए खर्च करने की तैयारी में शहर की नगरपालिका
फिर पानी में लाखों रुपए खर्च करने की तैयारी में शहर की नगरपालिका

जिस काम को मप्र जन अभियान परिषद की टीम निशुल्क करती है, उसी तरह के कार्य के लिए पिछले कई वर्षो से शहर की नगरपालिका लाखों रुपए खर्च करती आ रही है। मामला नदी के पानी को रोकने स्टॉपडेम निर्माण से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार गर्मी के दिनों में नदी नालों में जल स्तर बनाए रखने स्टॉप डेम का निर्माण किया जाता है। जन अभियान की टीम जिलेभर में बोरी बंधान कर नदियों के पानी का संग्रहण किया करती है। सकारात्म परिणाम भी मौके पर देखे जा सकते हैं।
शहर की नपा वैनगंगा नदी के छोटे पुल पर इसी तरह जल संग्रहित करने प्रतिवर्ष आठ से 10 लाख रुपए खर्च करती आ रही है। पिछले वर्षो से अब तक लाखों खर्च किए भी जा चुके हैं। इस वर्ष भी छोटे पुल पर जल संग्रहण के नाम लाखों रुपए खर्च करने की तैयारी कर ली गई। नपा प्रशासन ने इसके लिए करीब दस लाख का टेंडर जारी कर ठेके पर काम दे भी दिया है।
10 लाख से करवाया जाएगा काम
शहर के 33 वार्डो में गर्मी के दिनों भी की पेयजल मुहैया हो इसके लिए प्रतिवर्ष शहर की नपा वैनगंगा नदी के छोटे पुल के नीचे लोहे की प्लेट लगाकर जल संग्रहण करने का काम करती है। इसके लिए बकायदा लाखों रुपए के टेंडर जारी किए जाते हैं। ठेके पर काम दिया जाता है। वर्षो ऋतु शुरू होने के पूर्व स्टॉप डेम निर्माणकर्ता पुल के नीचे लगाई गई लोहे की प्लेटों का वापस निकाल लिया करता है। यह कार्य पिछले कई वर्षो से किया जा रहा है। इस बार भी जल संग्रहण के लिए नपा ने पूर्व पार्षद और ठेकेदार मोनू कहार को करीब दस लाख काम दिया है। बताया जाता है कि हर बार टेंडर इन्हीं को मिलता है और पुल पर जल संग्रहण का कार्य करवाया जाता है।

इधन निशुल्क में बनाए 70 से अधिक डेम

मप्र जन अभियान परिषद के ब्लॉक समन्वयक सुरेन्द्र कुमार भगत के अनुसार प्रस्फुटन समितियों के माध्यम से वे पिछले कई वर्षो से वारासिवनी और कटंगी ब्लॉक में जल संचय को लेकर काम कर रहे हैं। सामाजिक सरोकार के तहत निशुल्क में बोरी बंधान कर गर्मी के लिए पानी का संग्रहण किया जाता है। इसके सकारात्म परिणाम भी मौके पर नजर आते हैं। इस सीजन में उन्होंने करीब 70 से अधिक स्थानों पर बोरी बंधान कार्य (अस्थाई स्टॉप डेम) निर्माण कर जल संग्रहण का कार्य किया है। इसके लिए शासन स्तर से कोई राशि खर्च नहीं की जाती है, बल्कि पूरा काम स्वयं सेवकों के माध्यम से निशुल्क में किया जाता है। कटंगी ब्लॉक के जरामोहगांव, चिचगांव, उमरी, अतरी सहित चंदन नदी में उन्होंने वृहद स्तर पर ढाई से तीन सौ बोरियों तक का बंधान कार्य करवा चुके हैं।

जल संग्रहण में महत्वपूर्ण छोटा पुल

अंग्रेजी शासनकाल में बनाए गए छोटा पुल पर पेयजल संग्रहण के लिए अनुमानित 1990 में स्टॉपडेम का निर्माण वैनगंगा नदी में किया गया था। जहां पर प्रतिवर्ष नगरपालिका नगर की जलापूर्ति के लिए ग्रीष्म ऋतु से पूर्व प्लेटें लगाकर पानी का संग्रहण करती है, लेकिन वर्तमान में छोटा पुल, उपयोगी होने के बावजूद अनदेखी का शिकार होते चले गया। जल संग्रहण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला छोटा पुल लोगों की आस्था से भी जुड़ा हुआ है। यहां गणेश चतुर्थी, नवरात्र, जन्माष्टमीं में प्रतिमाओं के विसर्जन के अलावा धार्मिक अनुष्ठान भी संपादित किए जाते हैं।

जागरूकजनों के मत

शहर के पुरातत्व शोध संस्थान अध्यक्ष और साहित्यकार डॉ वीरेन्द्र सिंह गहरवार सहित अन्य जागरूकजनों की माने तो छोटा पुल के नहीं होने से वैनगंगा नदी में गर्मी के लिए पेयजल संग्रहण करने की समस्या पैदा हो जाएगी। छोटे पुल पर हर वर्ष लाखों रुपए खर्च करने के बजाए पूरा ही पक्का स्टॉपडेम के रूप में कवर कर दिया जाए तो नवीनकरण से न केवल पूरे वर्ष नदी में पानी रहेगा, अपितु जलसंकट का सामना भी नागरिकों को नहीं करना पड़ेगा। नपा प्रशासन के हर वर्ष खर्च की जाने वाली लाखों रुपए की राशि को भी बचाया जा सकता है।
वर्सन
गर्मी के दिनों के लिए छोटे पुल पर स्टॉप डेम बनाकर जल संग्रहण अनिवार्य होता है। इस बार भी 9 लाख 80 हजार से काम कराया जा रहा है, जो कि एक दो दिन में शुरू हो जाएगा। जहां तक बात पक्के स्टॉप डेम निर्माण की है इसमें कई तरह के टेक्नीकल ईश्यू है। तकनीकि जानकारों का मानना है कि ऐसा करने पर छोटा पुल पूरा बह सकता है।
भूवनेश्वर शिव, जल शाखा प्रभारी नपा बालाघाट

Updated on:
19 Jan 2026 12:07 pm
Published on:
19 Jan 2026 12:07 pm