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CM Mohan Yadav : जहां प्रदेश के मंत्री को मारा – वहां पहुंचे सीएम मोहन यादव, खत्म किया खौफ

MP CM Mohan Yadav : 25 साल बाद पहली बार कोई सीएम पहुंचे बालाघाट के दुर्गम क्षेत्र में, बीमारी से मृत बच्चों के परिवारों से मिले, 2.20 लाख के मुआवजा का ऐलान, बैगा परिवारों से संवाद किया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले-रिपोर्ट आने पर दोषियों पर होगी कार्रवाई
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बालाघाट के नक्सल एरिया में पहुंचे : फोटो सोर्स : X @DrMohanYadav51

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बालाघाट के नक्सल एरिया में पहुंचे : फोटो सोर्स : X @DrMohanYadav51

CM Mohan Yadav : कुपोषण और गंदे पानी से बैगा गांवों में हुई 28 बच्चों की मौतों के बीच सीएम डॉ. मोहन यादव बालाघाट पहुंचे। उन्होंने मृत बच्चों के परिवार से मुलाकात की। मृतक के परिजनों को 2.20- 2.20 लाख रुपए की मदद देने का ऐलान किया। सीएम मोहन यादव ने कहा, बच्चों की मौतों की जांच चल रही है। रिपोर्ट आने पर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। वे बालाघाट के नक्सल प्रभावित दुर्गम क्षेत्र में भी गए। कोर एरिया में नक्सलियों का खौफ खत्म करते हुए सीए मोहन यादव ने कहा कि अब यहां का तेजी से विकास होगा। इस इलाके में करीब ढाई दशक बाद कोई सीएम पहुंचे थे।

मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत सीएम मोहन यादव शनिवार को लांजी से कार से बीमारी प्रभावित गांव बोंदारी पहुंचे। 49 मिनट तक मृतक बच्चों के परिजनों से बात की। सार्वजनिक मंच पर कोरका और अडोरी पंचायत के सरपंच से भी मिले। अलग-अलग बैगा महिलाएं व पुरुषों से उन्होंने समस्याएं पूछीं। लोगों ने जमीन का पट्टा, पानी, अस्पताल, सड़क, आंगनबाड़ी व स्कूल की समस्याएं बताईं। सीएम ने समाधान करने का आश्वासन दिया। सभी को गो-पालन के लिए प्रोत्साहित किया। कहा, कमेटी बनाऊंगा। यहां आप आसानी से दूध बेच सकेंगे, आपकी आमदनी बढ़ेगी।

कांग्रेस के शासन में एक मंत्री की हत्या

विशेष बात यह है कि बालाघाट के इस दौरे के दौरान सीएम मोहन यादव नक्सल प्रभावित दुर्गम क्षेत्र में भी गए। उन्होंने कहा, यह नक्सल कोर एरिया है। 25 साल बाद यहां कोई सीएम आए हैं। कांग्रेस के शासन में एक मंत्री की हत्या हो गई थी। हमने प्रधानमंत्री व गृहमंत्री के नेतृत्व में नक्सलवाद मूवमेंट समाप्त किया है। सीएम मोहन यादव ने कहा, बैगा भाइयों के लिए मूलभूत सुविधाओं पहुंचाएंगे।

जब शिक्षक बने मुख्यमंत्री

सीएम मोहन यादव ने उत्कृष्ट उमावि लांजी में 10वीं की कक्षा में बच्चों से संवाद भी किया।

सीएम (रसायन विज्ञान की कक्षा में): पानी में क्या डालने से आग लग जाती है? बालिकाएं: सोडियम।

सीएम: अरे वाह।

सीएम: आप भविष्य में क्या बनना चाहते हैं?

विद्यार्थी: पीएससी की तैयारी कर अफसर बनेंगे।

बालिका: सीएम राइज स्कूलों का नाम सांदीपनि विद्यालय क्यों रखा है?
सीएम: भगवान श्रीकृष्ण व मित्र सुदामा के गुरु महर्षि सांदीपनि से प्रेरणा लेकर रखा है। यहां बिना भेदभाव सभी बच्चों शिक्षा दी जा रही है।

मलेरिया से फिर गई दो बच्चों की जान

इधर बालाघाट के दर्जनभर से अधिक गांवों में फैली बीमारी से बच्चों की जान जाने का सिलसिला नहीं थम रहा। शनिवार को मोहनपुर गांव की काजल (10) पिता प्रभुदयाल सैयाम ने गोंदिया में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह एकीकृत उमावि मोहनपुर में 5वीं की छात्रा थी। सप्ताहभर से बीमार थी। वहीं, परसाटोला पंचायत के गोगा टोला गांव में दो साल के हिमांशु की भी सांसें थम गईं। वह मलेरिया से पीडि़त था।