11 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Balaghat News: IAS का पावर…खड़े-खड़े दिव्यांग को दिलाई नौकरी, बुजुर्ग माता-पिता का बनेगी सहारा

Collector Kumar Satyam: नवागत कलेक्टर कुमार सत्यम दिव्यांग महिला के पास पहुंचे और उसकी बात सुनकर सीएमएचओ को आउटसोर्स के पद पर नौकरी देने के निर्देश दिए।
2 min read
Google source verification
balaghat collector

collector kumar satyam disabled woman job, दिव्यांग महिला की बात सुनते कलेक्टर कुमार सत्यम (Source-Balaghat collector x account)

Balaghat Collector Kumar Satyam: मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के नवागत कलेक्टर कुमार सत्यम की चर्चा पूरी जिले में हो रही है। चर्चा की वजह कलेक्टर कुमार सत्यम के द्वारा जनसुनवाई के दौरान दिव्यांग महिला के साथ दिखाई गई मानवीयता और संवेदनशीलता है। दिव्यांग महिला को जनसुनवाई में आया देख कलेक्टर खुद उनके पास पहुंचे और फिर कुर्सी पर बैठाकर उनकी बात सुनी। इसके बाद कलेक्टर ने तुरंत सीएमएचओ को बुलाकर दिव्यांग महिला को अस्पताल में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में नौकरी देने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने सुनी दिव्यांग की फरियाद

नवागत कलेक्टर कुमार सत्यम मंगलवार को जनसुनवाई में आए आवेदकों की समस्याएं सुन रहे थे। उसी समय अपनी बारी की प्रतीक्षा में खड़ी दिव्यांग देवेश्वरी पर उनकी नजर पड़ी, तो वे अपनी कुर्सी से उठकर उनके पास चले गए। उनको बैठने के लिए कुर्सी उपलब्ध कराई और इत्मीनान ने उनकी बातों को सुना। उस समय देवेश्वरी की आंखों में उम्मीद और चेहरे पर परिवार की चिंताओं की लकीरें साफ नजर आ रही थीं। लांजी क्षेत्र के ग्राम उमरी की रहने वाली दिव्यांग देवेश्वरी ने कलेक्टर को बताया कि 'साहब मैं दिव्यांग हूं। 70 वर्ष से अधिक आयु के माता-पिता के पालन-पोषण की जिम्मेदारी मेरे कंधों पर है। मुझे 600 रुपए पेंशन मिलती है। लेकिन वह पर्याप्त नहीं है। यदि कुछ काम मिल जाए तो परिवार का गुजारा हो जाए।'

ओपीडी में आउटसोर्स पर नौकरी देने के निर्देश

कलेक्टर कुमार सत्यम ने मौके पर मौजूद प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ऋत्विक पटेल को पास बुलाया और लांजी के सिविल अस्पताल की ओपीडी में आउटसोर्स के माध्यम से देवेश्वरी को सेवा देने का अवसर प्रदान करने का निर्देश दिए। उन्होंने देवेश्वरी को भरोसा दिया कि शीघ्र ही आपको सूचना दी जाएगी और सिविल अस्पताल लांजी की ओपीडी में मरीजों की पर्ची बनाने का काम मिलेगा। कलेक्टर की इस त्वरित पहल और संवेदनशीलता को देखकर देवेश्वरी की आंखे भर आईं। बताया कि इस पहल से उसका जीवन संवर जाएगा। माता-पिता का पालन-पोषण व अच्छे से कर पाएंगी। उधर कलेक्टर की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की चर्चा जिलेभर में हो रही है।