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Indore News : मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सरकारी जमीन पर बनाया नया ठिकाना! आलीशान रेस्ट हाउस, हॉल बनवाया

Minister Kailash Vijayvargiya : इंदौर शहर का पितृ दोष हटाने पहले लोगों से कराए पौधरोपण, फिर ठहरने-मीटिंग के रेस्टहाउस बनाए, पार्किंग में भी निर्माण
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कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में सरकारी जमीन पर करवाए निर्माण

कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में सरकारी जमीन पर करवाए निर्माण- फोटो सोर्स : X @KailashOnline

Kailash Vijayvargiya : इंदौर में जिसे देवधरम टेकरी कहते थे, अब वह पितृ पर्वत हो गया है। पितृ पर्वत की शुरुआत पितरों की याद में पौधरोपण के लिए की गई थी। धीरे धीरे इसे अभियान बनाया, लेकिन अब यह नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का स्थाई ठिकाना भी बन गया है। मंत्री और समर्थकों के ठहरने के लिए यहां आलीशान रेस्ट हाउस बनाया गया है। पार्किंग स्थल पर भवन भी बन रहा है। बताते हैं, यहां धर्मशाला प्रस्तावित है। पितृ पर्वत की जमीन सरकार की है पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एकतरफा क्षत्रप बन गए हैं। उन्होंने इंदौर के महापौर पद पर रहते हुए पितृ पर्वत की परिकल्पना की थी। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर का विकास पितृदोष के कारण रुका है, इसका समाधान जरूरी है।

पितृ पर्वत पर पहले हनुमानजी की प्रतिमा स्थापित कर पौधरोपण किया। अब नया निर्माण चल रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिस जमीन पर निर्माण हुए और जो नए हो रहे हैं, वे सभी शासकीय भूमि पर हैं। सरकारी रिकॉर्ड में सर्वे-277 मप्र शासन के नाम पर दर्ज है।

पौधरोपण के बहाने सरकारी जमीन हथियाने का खेल

चर्चा है कि पौधरोपण के बहाने सरकारी जमीन हथियाने का खेल रचा गया था। अब इस जमीन का निजी उपयोग किया जा रहा है। हद यह है कि इसके बाद भी सरकार और विपक्ष दोनों को ही कोई आपत्ति नहीं है। पौधरोपण के बहाने कब्जाई जा रही सरकारी जमीन पर सब मौन हैं।

रेवती रेंज में आशा हॉल किसकी जमीन पर बना?

दरअसल, हाल ही में रेवती रेंज में कथित वन भूमि में बने आशा हॉल के लोकार्पण के बाद विवादों ने जन्म लिया। हॉल का लोकार्पण मंत्री कैलाश ने पत्नी के हाथों से उनके जन्मदिन पर ही करवाया था। यह जमीन वन विभाग और बीएसएफ ने पौधरोपण के लिए दी थी। यहां पौधरोपण हुआ, दो बार अवार्ड की घोषणा भी हुई। लेकिन बाद में यहां एक हॉल बना लिया। बताते हैं, हॉल का निर्माण वन भूमि पर है, फिर भी वन, राजस्व विभाग और बीएसएफ ने इस भूमि पर दावा नहीं किया।

महापौर रहते शुरू किया था काम

पितृ पर्वत की कल्पना कैलाश ने इंदौर के महापौर रहते की थी। तब उन्होंने दावा किया था, किसी महात्मा ने बताया है इंदौर शहर को पितृदोष है। इसलिए विकास रुका है। पितृ पर्वत पर हनुमानजी की प्रतिमा स्थापित करने से दोष दूर हो सकता है। यहां विश्व की सबसे ऊंची अष्टधातु की प्रतिमा स्थापित करने का फैसला लिया गया था।