नरही वसूली कांड में आरोपित लगभग सभी पुलिसकर्मियों को हाईकोर्ट के आदेश के बाद बहाल कर दिया गया है। शासन के निर्देश पर बहाल हुए इन सभी पुलिसकर्मियों का राज्य मुख्यालय (लखनऊ) स्थानांतरण कर दिया गया है। आरोपों से दूरी बनाने के उद्देश्य से इन्हें विभिन्न प्रकोष्ठों में तैनाती दी गई है।
Ballia Police News: बलिया जिले के चर्चित नरही वसूली कांड में आरोपित लगभग सभी पुलिसकर्मियों को हाईकोर्ट के आदेश के बाद बहाल कर दिया गया है। शासन के निर्देश पर बहाल हुए इन सभी पुलिसकर्मियों का राज्य मुख्यालय (लखनऊ) स्थानांतरण कर दिया गया है। आरोपों से दूरी बनाने के उद्देश्य से इन्हें विभिन्न प्रकोष्ठों में तैनाती दी गई है।
एसपी बलिया ओमवीर सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मियों को हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद ही बहाली का आदेश जारी किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच अभी भी जारी है और इन्हें जिले से बाहर स्थानांतरित किया गया है।
नरही वसूली कांड में आरोपित पुलिसकर्मियों में तत्कालीन थाना प्रभारी (एसओ) पन्नेलाल और उनके नायब एसआई मंगला प्रसाद उपाध्याय को फिंगर प्रिंट ब्यूरो, लखनऊ भेजा गया है। वहीं चौकी प्रभारी कोरंटाडीह एसआई राजेश कुमार प्रभाकर को राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, लखनऊ में तैनात किया गया है। इसके अलावा मुख्य आरक्षी चंद्रजीत यादव, कांस्टेबल प्रशांत सिंह, सतीश चंद्र गुप्ता और बलराम सिंह को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन, लखनऊ में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्य आरक्षी जयप्रकाश यादव और दुर्गादत राय सहित कांस्टेबल ओमप्रकाश और हरिदयाल सिंह को वीमेन पावर लाइन, लखनऊ भेजा गया है। मुख्य आरक्षी औरंगजेब खां को पुलिस महानिदेशक मुख्यालय, लखनऊ में तैनाती मिली है, जबकि विष्णु, दीपक कुमार मिश्र, परविंद्र यादव और उदयवीर समेत अन्य कांस्टेबलों को अपराध अनुसंधान प्रकोष्ठ, लखनऊ में नियुक्त किया गया है।
यह मामला बलिया-बक्सर (बिहार) सीमा पर स्थित भरौली तिराहा पुलिस चौकी कोरंटाडीह से जुड़ा है, जहां वाराणसी के अपर पुलिस महानिदेशक पीयूष मोडिया और आजमगढ़ के तत्कालीन डीआईजी वैभव कृष्ण ने सादे कपड़ों में छापा मारा था। छापे में यह खुलासा हुआ था कि पुलिसकर्मी दलालों के साथ मिलकर ट्रक चालकों से अवैध वसूली कर रहे थे।
एसपी बलिया ओमवीर सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद आरोपी पुलिसकर्मी बहाल हुए हैं। शासन के निर्देश पर सभी का स्थानांतरण जिले से बाहर किया गया है। इनके खिलाफ जांच जारी है।”